शान ठाकुर, पेटलावद

क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा माही परियोजना की नहरों के विशेष मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 1668.35 लाख रुपये (16 करोड़ 68 लाख 35 हजार रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इस स्वीकृति से पेटलावद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों को समय पर और पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा।

माही मुख्य नहर शाखा एवं उससे जुड़ी सहायक नहरों के विशेष मरम्मत कार्य के अंतर्गत मुख्य नहर के सुधार, वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी) नहरों के जीर्णोद्धार तथा किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली माइनर एवं सब-माइनर नहरों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों के पूर्ण होने से नहरों में पानी की बर्बादी रुकेगी तथा अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाना संभव हो सकेगा।

माही परियोजना पेटलावद क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने में पूर्व सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वर्तमान में परियोजना की नहरों की कुल लंबाई लगभग 284 किलोमीटर है, जिससे पेटलावद क्षेत्र के 19 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है तथा करीब 22 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि माही परियोजना क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा है। लंबे समय से किसान नहरों के क्षतिग्रस्त होने तथा अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाने की समस्या से परेशान थे। किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर विशेष मरम्मत कार्य की मांग लगातार उठाई गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा 16 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान किया जाना क्षेत्र के किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से नहरों का कायाकल्प होगा, पानी की बर्बादी रुकेगी तथा किसानों के खेतों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचेगा। यह स्वीकृति क्षेत्र की कृषि प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। सुश्री भूरिया ने पूरे क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *