रितेश गुप्ता, थांदला

जिस तरह गुरुद्वारा में लोग नि:स्वार्थ सेवा करते हैं, धार्मिक कार्य करते हैं, उसी तरह की भूमिका कार सेवकों की भी होती है। वास्तव में कार सेवक शब्द संस्कृत से लिया गया है। कार का मतलब होता है कर यानी हाथ, और सेवक का अर्थ होता है, सेवा करने वाला। जो लोग किसी धार्मिक कार्य या संस्था के लिए परोपकार से जुड़ा काम नि:स्वार्थ व नि:शुल्क करते हैं, उन्हें कार सेवक कहा जाता है । उक्त बात कार सेवकों का स्वागत करने पहुंचे सांसद गुमान सिंह डामोर ने नगर के कार सेवक द्वारका प्रसाद शर्मा, मनोज पालीवाल ,रमेश चंद्र उपाध्याय ,हेमला भाई राठौड़ ,महेंद्र कुमार उपाध्याय का स्वागत करते हुए कही ।
जिन्होंने निस्वार्थ भाव से 6 दिसंबर 1992 को उस आंदोलन में भाग लेकर आज गौरवान्वित महसूस किया है । राम जन्मभूमि अयोध्या में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन दिवस के अवसर पर
समस्त कारसेवकों के निवास पर पहुंचकर क्षेत्रीय सांसद गुमान सिंह डामोर द्वारा शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया ।

अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष बंटी डामोर ने कहा कि रामलला के मंदिर भूमि पूजन तक पहुंचाने में देश के लाखों कार सेवकों का विशेष योगदान है और आज उन्हीं में से थांदला नगर के कार्य सेवकों का सम्मान कर हम अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भाजपा जिला उपाध्यक्ष विश्वास सोनी ने कहा भूमि पूजन के साथ उन समस्त कार सेवकों की जीत हुई है जिन्होंने अपनी जान की बाजी खेल कर बाबरी विध्वंस में अपनी अहम भूमिका निभाई। आज इस मुकाम तक पहुंचाने में आप सभी कारसेवकों का विशेष योगदान है। कारसेवकों के इस सम्मान समारोह में जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक, नगर परिषद अध्यक्ष बंटी डामोर, जिला उपाध्यक्ष विश्वास सोनी, पूर्व जिला अध्यक्ष ओम शर्मा, पूर्व जनपद अध्यक्ष दिलीप कटारा, मन्नू डामोर, अशोक अरोड़ा, महेश नगर, अरविंद रुनवाल, पारस तलेरा, सुरेश राठौड़, राकेश सोनी उपस्थित थे

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