भूपेन्द्र बरमंडलिया, मेघनगर भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं ताकी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रो के लोगों को इसका लाभ बड़ी से बड़ी बीमारी में निःशुल्क मिल सके। जिसे लेकर कलेक्टर रोहित सिंह स्वय आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर प्रयासरत हैं।जिसे लेकर अधिकारियों की बैठक ली और बैठक में 31 मार्च तक 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश सभी अधीनस्थ अधिकारियो को दिये है। लेकिन वही महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद्र के तहत काम करने वाले आपरेटरों को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला जिसकी वजह से उनके परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। हम बात कर रहे महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद्र योजना के तहत मेघनगर विकासखंड में 25 आपरेटर कार्यरत हैं। यह ऑपरेटर ग्रामीण इलाको में आयुष्मान कार्ड इस कड़ी धूप में जा कर बनाने रहे है । किन्तु वेतन नहीं मिलने की वजह से अब यह भी परेशान नजर आ रहे है। वहीँ इनके द्वारा वेतन नहीं मिलने के बारे में अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आपरेटरों का कहना है कि प्रतिदिन 200 के हिसाब से उन्हें 6 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कही गई थी। किन्तु यह राशि भी समय पर नहीं मिल रही हैं । वेतन न मिलने के कारण आपरेटरों में भारी रोष व्याप्त है। इनका कहना है:- आयुष्मान कार्ड लक्ष्य पूर्ति के लिए के लिए प्रतिदिन मानिटरिंग की जा रही है साथ ही 31 मार्च तक शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति को लेकर ग्रामीण इलाको में आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर और गति प्रदान की गई है फ़िलहाल मुझे जानकारी मिली है की महात्मा गाँधी सेवा केंद्र के तहत कार्य करने वाले लोगो को वेतन नहीं मिला है इसको लेकर अधिकारी से चर्चा कर जल्द निराकरण करवाया जायेगा. जनपद सीइओ वीरेंद्र सिंह रावत * हम तो चाहते है की आप इन लोगो की समस्या उठाये , रही बात वेतन की तो हमने वरिष्ठ अधिकार्रियो को अवगत करवा दिया है वेसे भी आयुष्मान कार्ड बनाने के 30 रुपये इनके द्वारा लिए जा रहे है राहुल वाघेला(जिला प्रभारी)महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केंद्र झाबुआ Post navigation पर्यावरणविद व सामाजिक चिंतक के एन गोविंदाचार्य की यात्रा 4 मार्च को, पंचेश्वर मंदिर प्रांगण में देंगे व्याख्यान नगर पंचायत अध्यक्ष निर्मला डावर ने लगवाया वैक्सीन