शान ठाकुर, पेटलावद 

कलेक्टर नेहा मीना एवं जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेंद्रसिंह चौहान द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आज खण्ड स्त्रोत समन्वयक श्रीमती रेखा गिरि ने पेटलावद विकासखंड के विभिन्न संकुलों की प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया।

यंहा किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान बामनिया, करवड़, मठमठ, जामली, बरवेट, रायपुरिया, सारंगी, मांडन, तलावपाड़ा, नाहरपुरा, गोडरिया, गंगाखेड़ी, केलकुई, घोड़ाथाल, रूपारेल, बड़ी लीपाड़ा सहित अन्य संकुलों की शालाओं का सघन अवलोकन किया गया।

इन बिंदुओं पर रहा विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता, पीएम पोषण योजना अंतर्गत मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था, शाला परिसर एवं शौचालयों की स्वच्छता, शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति पंजी का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने पाया कि कुछ विद्यालयों में व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, जिस पर तत्काल निर्देश जारी किए गए।शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों को दिए गए प्रमुख निर्देश।

पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन)

परीक्षा अवधि में भी मध्यान्ह भोजन नियमित रूप से निर्धारित मीनू के अनुसार तैयार किया जाए तथा भोजन का सैंपल प्रतिदिन सुरक्षित रखा जाए।

वार्षिक परीक्षा की तैयारी

कक्षा 1 से 4 एवं कक्षा 6-7 के विद्यार्थियों को स्थानीय वार्षिक परीक्षा के लिए विशेष तैयारी कराई जाए।

विद्यार्थी उपस्थिति में सुधार

अनुपस्थित विद्यार्थियों से सतत संपर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर बल दिया जाए।

स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था

बालक एवं बालिका शौचालयों की नियमित साफ-सफाई की जाए तथा पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति

सभी शिक्षक समय पर विद्यालय में उपस्थित हों तथा समय पूर्व शाला न छोड़ें। बिना पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता

नवीन शौचालय निर्माण कार्य समयसीमा में एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। जन शिक्षक संकुल स्तर पर सतत भ्रमण करेंगे तथा उपयंत्री, पेटलावद द्वारा गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी।

बोर्ड परीक्षा उपरांत अध्यापन कार्य

बोर्ड परीक्षा ड्यूटी पूर्ण करने के पश्चात सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर अध्यापन कार्य संपादित करेंगे।

सतत निगरानी के दिए निर्देश

खण्ड स्त्रोत समन्वयक ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर और मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जन शिक्षक एवं संस्था प्रमुखों को नियमित मॉनिटरिंग कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस आकस्मिक निरीक्षण से विद्यालयों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है तथा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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