झाबुआ लाइव के लिए झकनावदा से जितेंद्र राठौड़ की रिपोर्ट-
आज तक आप ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में भ्रष्टाचार के कई मामले सुने होंगे लेकिन एसा पहला मामला सामने आया है जिसमें ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने पेटलावद जनपद ने करोड़ों रुपए के तालाब का निर्माण किया। शासन का तालाब निर्माण का दो उद्देश्य होता है की एक तो जल संग्रहण करना और मजदूरों को रोजगार मुहैया करवाना, जिससे की ग्रामीणों को पलायन नही करना पड़े परंतु ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए उक्त तालाब का ठेका माही विभाग के स्टोर कीपर को दे दिया। मामला धोलीखाली ग्राम पचांयत की कुंडलावाली नाकी निस्तार तालाब का है जहां ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने लाखों रुपए के तालाब का निर्माण विभागीय अधिकारी का मजदूरों से करवाना था परन्तु विभागीय अधिकारियों ने माही विभाग के डिविजन क्रमांक 1 के सहायक कर्मचारी लाभु चारण कोटडा को फर्जी रूप से ठेका दिया गया जो नियमों के खिलाफ है।
ग्रामीणों ने की थी शिकायत-
जांच में आया परिजनों के नाम से 4-5 लाख रुपए की राशि निकाली, ग्रामीणों द्वारा मजदूरी करने के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिली तो मजदूर ठेकेदार लाभु चारण के घर के चक्कर काट कर थक चुके थे। अपनी खून पसीने की मजदूरी का हक मांगने के लिए चक्कर काट थके-हारे मजदूर अपने हम के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां आवेदन देकर अपनी मजदूरी का हक मांगा। कलेक्टर मामले की जांच पेटलावद अनुविभागीय अधिकारी को सौंपी। अनुविभागीय अधिकारी ने टीम गठित कर मामले की जांच तहसीलदार पेटलावद के नेतृत्व में करवाई। जांच मे सामने आया की माही विभाग में कार्यरत लाभु चारण द्वारा फर्जी ठेका लेकर 4 लाख 50 हजार रुपए का आहरण अपने भतीजे दीपक पिता किशन चारण के नाम के फर्जी बिल लगाकर अपने परिजन जालम घन्ना नाथा सहित 50 से अधिक फर्जी मजदूरों के नाम से फर्जी नाम के मस्टर भरकर लाखों रुपए की राशि का आहरण किया ओर परिजनों के नाम की उक्त राशि लाभु चारण स्वयं ने बैंक खाते से निकाल कर लाखों रुपए का आहरण किया। जांच में एसडीएम ने जांच प्रतिवेदन में बताया कि लाभु चारण शासकीय सेवा में रहते हुए फर्जी रूप से ठेकेदारी करते हुए पाया गया, जो शासकीय सेवा मे रहते हुए नियमों के खिलाफ है, जिसके कारण लाभु चारण के द्वारा आहरण की गई राशि वसूली की जाए एवं लाभु चारण पर शासन से धोखाधड़ी और जालसाजी का प्रकरण दर्ज करना उचित होगा। अब देखना दिलचस्प होगा की फर्जी रूप से शासकीय राशि आहरण करने वाले लाभु चारण पर केस दर्ज मजदूरों का अपने हक की राशि दिलवाकर शासकीय सेवा से निलंबित किया जाएगा या फिर फाइल सरकारी ऑफिस में धूल खाएगी।
पीडि़त बोल-
हम मजदूरी के लिए अधिकारी एवं ठेकेदार के चक्कर लगाकर थक चुके है। हमें मेहनताना कब मिलेगा?
– मनसुर निनामा, मजदूर
जिम्मेदारों की सुनो-
कलेक्टर के निर्देश पर जांच की गई जांच में पाया गया की ग्रामीण यांत्रकी विभाग ने फर्जी तरीके से ठेका दिया जो नियमों के विरूद्ध है शासकीय कर्मचारी लाभु चारण ने फर्जी तरीके से राशि निकाली है जिसके लिए एफआईआर के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा है । शासकीय सेवा से निलम्बन के लिए माही विभाग को भी पत्र लिखा है।
– सीएस सोलंकी, एसडीएम
मामला हमारे संज्ञान में है मामले को लेकर सीईओ जिला पंचायत कार्रवाई कर रहे है।
– आशीष सक्सेना, कलेक्टर
मैं आज ही अधिकारी से बात कर मामले को दिखवाती हूं।
निर्मला भूरिया, विधायक पेटलावद
एफआइआर होना चाहिए मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
-राजेश कांसवा, सांसद प्रतिनिधि झकनावदा

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