झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- ग्राम जुवानपुरा के ग्रामीणों के घरों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है जब बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन दिया तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को पत्र लिख कर कह दिया कि यह गांव पेटलावद तहसील के नक्शे में नहीं है जबकि इस संबंध में पटवारी का कहना है कि जुवानपुरा राजस्व ग्राम है तथा यहां 140 मकान है इसके साथ आंगनवाड़ी और स्कूल भवन भी है यहां तक की ग्राम पंचायत धोलीखाली का सरपंच कालू वाखला भी इसी गांव का है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर बिजली विभाग वाले हमें कनेक्शन क्यों नहीं देना चाहते है? हमारे गांव को पेटलावद के नक्शे से ही बाहर कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा सोलर लैंप हमें दिए गए थ जिनके सहारे हम हमारी रात निकालते है। वहीं ग्राम के एक घर में बिजली है जो की दो किमी दूर स्थित गांव चारण कोटडा से कनेक्शन ले कर आया है। ग्रामीणों ने कई बार अपनी समस्या को लेकर एसडीएम,कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक शिकायत की है किंतु कोई सुनवाई नहीं होती है। अधिकारी इस प्रकार जवाब दे देते है कि गांव नक्शे में ही नहीं है जबकि जुवान पुरा गांव माही नदी के किनारे बसा हुआ है। डूब क्षेत्र में आने से गांव की बसाहट एक जगह से हट कर दूसरी जगह हो गई है जहां शासन की अन्य सुविधाएं प्राप्त है केवल बिजली की सुविधा आज तक नहीं मिल पाई है। गांव के नारायण परमार, धूमसिंग वाखला, लुंगा फूलजी, हवजी परमार का कहना है कि हम हमारे गांव में बिजली लाने के लिए हर जगह आवेदन कर रहे है किंतु निराकरण नहीं मिल रहा है। अब बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री ने कलेक्टर को लिख कर दे दिया है कि जुवानपुरा पेटलावद तहसील के नक्शे में नहीं है। यदि आवेदक तहसीलदार पेटलावद से बसावट का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए तो आगे की निराकरण की कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में पटवारी मलजी डामर का कहना है कि जुवानपुरा राजस्व गांव है पेटलावद तहसील में ही है और यहां स्कूल तथा आंगनवाड़ी भी है। बिजली विभाग द्वारा कोई जानकारी हमसे आज तक मांगी नहीं गई है। Post navigation चेक बाउंस मामला : मास्टर मांइड सोहन मेहता के खिलाफ 25 ग्रामीणों ने लाखों की ठगी के सौंपे प्रमाण भावांतर योजना को लेकर किसानों में संशय, विभाग नहीं देे पा रहा सही जानकारी