रितेश गुप्ता, थांदला थान्दला – आचार्य श्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तक जिनेन्द्रमुनिजी की आज्ञानुवर्तिनी पुन्यपुंज सुशिष्या साध्वी निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी,प्रियशीलाजी,दीप्तिजी ठाणा-4 स्थानीय पौषध भवन पर चातुर्मास हेतु विराजित हैं।साध्वी मंडल के सानिध्य में प्रातः राई प्रतिक्रमण, प्रार्थना,व्याख्यान प्रातः09से 10 बजे तक, दोपहर मे ज्ञान चर्चा, शाम को देवसी प्रतिक्रमण,कल्याण मंदिर,चोवीसी आदि विविध आराधनाएँ हो रही है। जिसमें श्रावक श्राविकाएँ उत्साहपूर्वक आराधना कर रहे हैं। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत,सचिव प्रदीप गादिया एवं नवयुवक मंडल के अध्यक्ष कपिल पीचा ने बताया कि साध्वी निखिलशीलाजी व साध्वी मंडल के सानिध्य मे श्री संघ के श्रावक-श्राविकाएं पौषध,उपवास,आयंबिल,नीवीं,एकासन,बियासन आदि विविध तप आराधना प्रतिदिन कर रहे है।प्रतिदिन राईय एवं देवसिय प्रतिक्रमण श्रावक वर्ग का दौलत भवन(महिला स्थानक) पर व श्राविका वर्ग का प्रतिक्रमण पौषध भवन पर हो रहा है। साध्वी निखिलशीलाजी एवं साध्वी मंडल के सानिध्य में तपस्याओं का दौर:- साध्वी निखिलशीलाजी व साध्वी मंडल के सानिध्य में यहाँ तपस्याओं का दौर जारी है।यहाँ पर गुरुवार को धर्मसभा में आरती लवी श्रीश्रीमाल ने साध्वी निखिलशीलाजी के मुखारविंद से 27 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये जो इस चातुर्मास के व अपने पहले मासक्षमण की और अग्रसर है।साथ ही निधि दीपक चौधरी ने 7 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये। भावना कपिल शाहजी ने 16उपवास किए। मनीषा राजेश चोपड़ा ने तेले-तेले(तेरह तेले)की अपनी तपस्या पूर्ण की जिनका की श्री संघ की और से शाल व माला द्वारा बहुमान किया गया।साथ ही कई आराधकों ने विभिन्न तपस्याएं पूर्ण की है।साथ ही तेले व आयंबिल की लड़ी भी वर्षावास प्रारम्भ से ही चल रही है।तेले की लड़ी में आज श्रेया महेश जैन का क्रम था।कई आराधक वर्षीतप की आराधना भी कर रहे है जिसमें कुछ आराधक ऐसे भी है जो लंबे समय से वर्षीतप की आराधना निरंतर कर रहे है।धर्मसभा का संचालन श्री संघ सचिव प्रदीप गादिया ने किया। श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के सदस्यों ने तपस्वी के निवास स्थान पर जाकर तप की अनुमोदना की- श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के सचिव जितेंद्र सी.घोड़ावत ने बताया कि नवयुवक मंडल के सदस्यों ने तपस्वी आरती लवी श्रीश्रीमाल के 27 उपवास की दीर्घ तपस्या की सुख-साता पूछते हुए तप की अनुमोदना की। साथ ही भावना कपिल शाहजी ने अपनी 16उपवास की तपस्या पूर्ण की । इस अवसर पर मंगलाचरण के रूप में नवकार महामंत्र के ग्यारह-ग्यारह बार सामूहिक जाप किये गए पश्चात मंडल के पूर्वाध्यक्ष प्रवीण पालरेचा व वर्तमान कोषाध्यक्ष चर्चिल गंग व अखिल भारतीय श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हितेश शाहजी ने चौवीसी व स्तवन के माध्यम से तपस्या की अनुमोदना की।मंडल के सदस्यों ने तपस्वी के जयकरो “तप की जय हो तपस्वी की जय हो-तपस्या करने वालो को धन्यवाद-धन्यवाद”जैसे जयघोष से पूरे घर को गुंजायमान कर दिया। फोटो भावना कपिल शहजी आरती श्री श्रीमाल Post navigation चुनिंदा टेम्पो चालको की बैठक रख रायपुरिया पुलिस निभा रही औपचारिकता फर्राटे से दौड़ रहे ओवरलोड टेम्पो,जीप खबर का असर मलेरिया विभाग की टीम आम्बुआ पहुंची, भरा पानी से का लार्वा नष्टिकरण किया