जितेंद्र वर्मा, जोबट

आदिवासी समाज में नवाचार, मिशन D-3 नियंत्रण को लेकर लिए कड़े निर्णय। 15 से अधिक गांव के पटेल, चौकीदार, तड़वी, सरपंच सहित समाज के जिम्मेदारों ने ली शपथ। जोबट के नजदीक ग्राम बलेड़ी में मिशन D-3 नियंत्रण को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के 20 से अधिक गांव से पटेल, चौकीदार, सरपंच सहित समाज के जिम्मेदार लोगों ने हिस्सा लिया, ओर देजा, दारू ओर डीजे के बढ़ते प्रभाव को रोकने का संकल्प लिया, कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया ओर हाथ उठाकर मिशन D-3 को अमल में लाने की एक सुर बात कही। 

आदिवासी समाज को आर्थिक रूप से कमजोर का मुख्य कारण दारू, डीजे ओर देजा को बढ़ावा देना है : कैरम जमरा 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अलीराजपुर से विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे कैरम जमरा ने संबोधित करते हुए कहा जिस तरह फूटी हुई बाल्टी से कुवै का पानी नहीं निकाल सकते, वैसे ही समाज को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए हमको डीजे दारू देजा को कम किए बिना आर्थिक रूप से सक्षम नहीं बना सकते, आदिवासियों को शादी के बाद अत्यधिक कर्ज झेलने की वजह से घर छोड़कर गुजरात जाना पड़ता है, इसलिए कर्जमुक्त समाज निर्माण का संकल्प लेने की बात कही।कार्यक्रम को क्षेत्रीय भाषा में संबोधित करते हुए कई उदाहरण देकर आदिवासी समाज को संपूर्ण क्षेत्र में एक समान देजा, करने के अलावा डीजे एक या दो से अधिक नहीं बुलाने तथा विदेशी शराब पर प्रतिबंध करने की अपील की गई। आयोजन समिति के जिला अध्यक्ष मालसिंह तोमर ने भी बेबाकी से अपनी बात रखी, कार्यक्रम में पारा क्षेत्र में दहेज पर काम कर रहे डॉ दीपेंद्र जमरा ने भी अपने अनुभव साझा किए, डॉ जितेंद्र मोरी बलोला, जिला पंचायत सदस्य हजरी अजनार, श्रीमती रिंकुबाला डावर, अंगारसिंह चौहान, भीकू चौहान, माया बारिया, मोतेसिंह भूरिया, प्रताप मौर्य, छगन सिंह मंडलोई ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण में अपने ओजस्वी वक्तव्य से रमेश डावर ने सभी का ध्यानाकर्षण करते हुए इस मुहिम को संपूर्ण क्षेत्र में चलाकर आदिवासी समाज के उत्थान की बात कही।

कार्यक्रम में यह बने नियम

आदिवासी समाज के भील समाज में अलग अलग गांवों में 5 लाख 6 लाख का देजा तय किया जाता था, जिसे घटाकर 2 लाख पचास हजार रुपए करने पर सहमति बनी। लड़की अगर भागकर शादी करती है तो तीस हजार रुपए गुनाह तय किया गया। डीजे दूल्हे के घर एक व दुल्हन के घर बाराती डीजे सहित दो डीजे करने की छूट रहेगी इस पर सहमति बनी, विदेशी शराब पूर्णतः प्रतिबंधित (शादी वाले घर) पर सहमति बनी।

कार्यक्रम का संचालन निलेश डावर ने किया, आभार अलपसिंह बामनिया ने माना तथा कार्यक्रम में व्यवस्था जुटाने और सफल बनाने में संदीप बघेल, राजेंद्र बामनिया, मुकेश, प्रताप, राकेश डावर, भगत गाडरिया, प्रदीप चौहान, तेरसिंह, केसर, अर्जुन, नाहरसिंह, ठाकुर, सूरप, दिनेश सरपंच, केरसिंह बामनिया, जगन बामनिया, कालू बामनिया, सुंदर डावर सहित युवाओं ने बढ़चढकर मेहनत कर आयोजन को सफल बनाया।

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