आखिर इस बार गणतंत्र दिवस का रंग क्यों दिखा फीका..?

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अर्पित चोपड़ा, खवासा

जहाँ पूरा देश 26 जनवरी को गर्व और उल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है वहीं झाबुआ जिले के खवासा गांव में इस बार यह राष्ट्रीय पर्व कुछ फीका-सा नजर आया। गांव में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर कई चर्चाओं का दौर चलता रहा।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर नगर में प्रभात फेरी निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ग्राम पंचायत भवन पहुँची। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से हर बार की तरह इस बार भी प्रभात फेरी से लेकर मंच तक कई पंचों की अनुपस्थिति साफ नजर आई। जनप्रतिनिधियों की यह गैर मौजूदगी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

एक निजी स्कूल की प्रभातफेरी को लेकर बेरुखी खासी चर्चा का विषय बनी रही। आमतौर पर इस देशभक्ति पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह रहता है, लेकिन इस बार स्कूल के बच्चे मुख्य कार्यक्रम से दूर नजर आए। उक्त निजी स्कूल का स्टॉफ कुछ बच्चों को लेकर सीधा कार्यक्रम में पहुंचा और मंच पर बच्चों की प्रस्तुति करवाकर इतिश्री करता दिखाई दिया।

प्रतिवर्ष एबीवीपी द्वारा झंडा वंदन किया जाता है लेकिन इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा झंडा वंदन कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किया गया। यह भी नगरवासियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

प्रभात फेरी के पश्चात ग्राम पंचायत भवन में सरपंच गंगाबाई खराड़ी द्वारा ध्वज फहराया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और ध्वज को सलामी दी गई। आगे का कार्यक्रम कन्या स्कूल परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ मंच पर भी कई पंचों की उपस्थिति नहीं दिखी। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गाने पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के पश्चात ग्राम पंचायत द्वारा मिठाई वितरण किया गया। राष्ट्रीय पर्व के इस मुख्य कार्यक्रम को लेकर पंचायत द्वारा अच्छी व्यवस्था की गई।

कुल मिलाकर, खवासा में इस बार गणतंत्र दिवस का उत्साह कहीं न कहीं कम नजर आया। पंचों की गैर हाजरी, परंपरागत प्रभात फेरी को लेकर स्कूल की बेरुखी लोगों को खटकती रही। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे अवसरों पर सभी को एकजुट होकर भाग लेना चाहिए, ताकि बच्चों और युवाओं में देशभक्ति की भावना और मजबूत हो सके।

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