सीता-राम व चारों भाइयों के विवाह प्रसंग ने श्रोताओं को किया भावविभोर

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कुंवर हर्ष वर्धन सिंह, राणापुर

राणापुर नगर के श्रीकृष्ण उद्यान में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पूज्य संत स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज के ओजस्वी एवं भावप्रवण प्रवचन ने कथा पंडाल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

कथा के दौरान स्वामी जी ने सीताराम विवाह एवं चारों भाइयों—श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न—के विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर, जीवंत एवं हृदयस्पर्शी वर्णन किया। जनकपुर में आयोजित दिव्य स्वयंवर का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करना केवल शारीरिक सामर्थ्य नहीं, बल्कि मर्यादा, संयम और धर्म की विजय का प्रतीक है। धनुष भंग होते ही पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।

स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज ने माता सीता के पवित्र भाव, सरलता और धर्मनिष्ठा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सीताराम विवाह आदर्श दांपत्य जीवन की सर्वोच्च मिसाल है, जहाँ प्रेम, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। चारों भाइयों के विवाह प्रसंग के माध्यम से उन्होंने भ्रातृ प्रेम, पारिवारिक एकता और संस्कारों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि राम परिवार से प्रेरणा लेकर आज के समाज को संस्कारित और सशक्त बनाया जा सकता है। कथा से पूर्व पूज्य स्वामी जी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भूतपूर्व विधायक माधव सिंह जी डावर, जिला परियोजना शिक्षा अधिकारी जगदीश सिसौदिया, झाबुआ के प्रसिद्ध हनुमंत भक्त अरुण भावसार एवं उनकी टीम द्वारा पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया गया।

कथा समापन अवसर पर पांचाल विश्वकर्मा समाज, हरसोला वणिक समाज, ब्राह्मण समाज, सकरवंशी माली समाज, पोरवाल समाज सहित विभिन्न समाजों द्वारा स्वामी जी का अभिनंदन किया गया। साथ ही अलीराजपुर से पधारे एवं वर्तमान में राणापुर निवासी शास्त्री योगेश जी का भी सम्मान किया गया। इस दौरान प्रतिदिन संचालित भोजनशाला की उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए भोजन समिति की सराहना की गई। भोजनशाला सेवा में भीम जीता, कमलेश शर्मा, मनीष छिपानी, नीलेश सरसोला, नैतिक राठौड़, घनश्याम राठौड़, टिंकल सिसोदिया सहित करणी सेना के सदस्यों द्वारा समर्पित भाव से सेवा दी जा रही है। स्वामी जी ने सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं को शुभाशीर्वाद प्रदान करते हुए उत्तम स्वास्थ्य और यश की कामना की। कथा के दौरान भजन-गायन एवं भावपूर्ण प्रसंगों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में नगरवासी, महिलाएँ, युवा एवं श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि आगामी सत्रों में रामराज्य, आदर्श शासन एवं जीवन मूल्यों पर प्रवचन होंगे।

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