आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी के मंगल प्रवेश पर जुलूस निकाला,समाजजनों ने की भव्य अगवानी 

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मयंक गोयल,राणापुर

 पूण्य सम्राट श्री जयंतसेन सूरीश्वरजी के पट्टधर वर्तमान आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर जी, मुनिराज विद्वतरत्नजी, तारकरत्नविजयजी का गुरुवार को रानापुर नगर में मंगल प्रवेश हुआ । झाबुआ नाके स्तिथ  इंद्रप्रस्थ गार्डन पर सकल जैन श्वेताम्बर संघ के वरिष्ठों ने आचार्यश्री की अगवानी की । यहाँ से बेंड बाजो के साथ जुलूस के रूप आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर जी का मंगल प्रवेश हुआ जिसमें सबसे आगे महिला परिषद की महिलाएं अपने ड्रेस कोड में कलश लिये चल रही थी, जिसके बाद अपनी माटी के लाड़ले आचार्य की अगवानी कर रहे उत्साही नवयुवक,तरुण परिषद के युवा जयकारो के साथ आचार्यश्री के साथ चल रहे थे । समस्त समाजजनों के घरों से आचार्यश्री के समक्ष अक्षत एवम श्रीफल से गहुली की गई । जुलूस पुलिस थाने मार्ग से मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय पहुँचा जहाँ आचार्यश्री ने दर्शन किये।  मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय की ऒर से संघ पूजा की गई ,  यहाँ से सुभाष मार्ग एमजीरोड होते हुए श्री सुविधिनाथ मन्दिर पहुँचा यहाँ भी आचार्यश्री ने दर्शन किये । जिसके बाद जुलूस सीधा राजेन्द्र भवन पहुँचा। यहाँ पूण्य सम्राट के चित्र सम्मुख दीपप्रज्वलन समाज के वरिष्ठ सोहनलाल सेठ और इंदरमल कटारिया ने किया । जिसके बाद आचार्यश्री ने मंगलाचरण कर कार्यक्रम की शुरुआत की ।

 *मार्ग से भटककर कोई संगठित नही रह सकता – आचार्यश्री नित्यसेनजी*

 व्यक्ति अपने मार्ग भटक जाता है तो उसके मन मे ईष्या, द्वेष घर कर जाती है । मार्ग से भटककर कोई संगठित नही रह सकता है ।इसलिए सही मार्ग पर चलो एकता के साथ कार्य करो । आपकी भाषा मे सरलता आ जावे तो सब काम सफल हो जाते है । अच्छा करोगे तो अच्छा होगा और बुरा सोचोगे तो बुरा ही होगा । ये बाते अपने प्रवचन के दौरान आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी ने दो वृतांतों के माध्यम से कही ।

“मै ही सब कुछ हु”ने जीवन भटका दिया है – मुनिराज विद्वतरत्न जी

  ”मै ही सब कुछ हूँ” ने भटका दिया है । ”मै कुछ नही हुँ” अपने जीवन को तार देता है । शब्द तारक है और शब्द ही मारक है । शब्द का उपयोग सोच समझ कर करना चाहिए । लोग क्या कहेंगे ये सबसे बड़ा रोग है । समझने से कोई ना समझे तो समझ लेना उसके पाप कर्म का उदय हो गया है । उसे कोई नही समझा सकता । ये बाते मुनिराज विद्वतरत्नजी ने अपने प्रवचन में कही । पूज्य आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी को सकल जैन श्वेताम्बर संघ की और से दिलीप सकलेचा,सज्जनलाल कटारिया,सोहन सेठ,इंदरमल कटारिया,रखबचन्द कटारिया,रमेशचंद नाहर,राजेन्द्र सियाल आदि ने कामली ओढाई ।  कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत भाषण ओसवाल पंच के अध्यक्ष दिलीप सकलेचा ने दिया । जिसके बाद सीमंधर ट्रस्ट के सचिव राजेन्द्र सियाल,महिला परिषद की महामंत्री पदमा सेठ,मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय के अध्यक्ष चन्द्रसेन कटारिया ने भी अपने विचार व्यक्त किये । सन्चालन सुरेश समीर ने किया जबकि आभार कमलेश कटारिया ने व्यक्त किया । जानकारी ललित सालेचा ने दी ।