मेवानगर पेटलावद में आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज के सानिध्य में बनेगा भव्य श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव मंदिर
शान ठाकुर, पेटलावद
धर्म, आस्था और संस्कृति के संगम का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला जब जैनाचार्य आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज साहब का मेवानगर पेटलावद में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान श्री नाकोड़ा पार्श्वभैरव के परम उपासक गादीपति सुमित पिपाड़ा (पेटलावद) मुख्य रूप से उपस्थित रहे । आचार्य श्री के पावन सान्निध्य से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। पेटलावद सकल जैन समाज द्वारा आचार्य श्री की अगवानी भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई। आचार्य श्री के पधारने के साथ ही मेवानगर पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें आचार्य श्री ने अपनी पावन निश्रा प्रदान कर आयोजन को धर्ममय एवं पुण्यदायी बना दिया।
मध्यप्रदेश की प्रथम भव्य-दिव्य मेवानगरी बनने की दिशा में ऐतिहासिक पहल
आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज की पावन निश्रा में मेवानगर पेटलावद को मध्यप्रदेश की प्रथम भव्य-दिव्य मेवानगरी के रूप में विकसित किए जाने की ऐतिहासिक योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस मेवानगरी में श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान एवं श्री नाकोड़ा भैरव देव की भव्य प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की जाएगी, जो भविष्य में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।
सकल जैन समाज ने की भव्य अगवानी
दिनांक 2 जनवरी को आचार्य श्री का रायपुरिया की ओर से मेवानगर पेटलावद आगमन हुआ। इस अवसर पर पेटलावद सकल जैन समाज, युवा संगठन एवं महिला मंडलों द्वारा जयघोष और मंगल वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया गया। मार्ग में जगह-जगह पूज्य गुरुदेव की गहुली की गई। इस दौरान संपूर्ण नगर धर्ममय वातावरण में रंगा नजर आया।
