आदतन अपराधियों को कलेक्टर ने किया जिलाबदर

0

शान ठाकुर, पेटलावद

जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर नेहा मीना ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से तीन आदतन अपराधियों के विरुद्ध छह माह की अवधि के लिए जिला बदर के आदेश जारी किए हैं।

कलेक्टर नेहा मीना

जारी आदेश के अनुसार अनावेदक कैलाश उर्फ भोला पिता भेरूलाल भाटी निवासी सिर्वी मोहल्ला पेटलावद, अनावेदक रामुनाथ पिता नाथुनाथ कालबेलिया निवासी बामनिया तथा अनावेदक लोकेन्द्र उर्फ लोकेन्द्रसिंह उर्फ लच्छु पिता निरंजनसिंह चौहान निवासी दिलीप गेट झाबुआ को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा। यह प्रतिबंध छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में बिना सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के उक्त क्षेत्रों में प्रवेश निषिद्ध रहेगा।

पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक कैलाश उर्फ भोला पिता भेरूलाल भाटी, उम्र 40 वर्ष, थाना पेटलावद का पंजीबद्ध गुंडा है तथा वर्ष 2004 से लगातार मारपीट, रंगदारी, जुआ-सट्टा एवं आबकारी से संबंधित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है। इसके विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के बावजूद इसके आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके कृत्यों से आमजन भयभीत हैं तथा सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए इसका जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया।

अनावेदक रामुनाथ पिता नाथुनाथ कालबेलिया निवासी बामनिया वर्ष 2002 से भूमि विवाद, मारपीट, अवैध कब्जा तथा दुर्लभ जाति के सर्पों के अवैध व्यापार जैसे अपराधों में संलिप्त रहा है। हाल ही में इसके विरुद्ध थाना पेटलावद एवं थाना थांदला में गंभीर अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। इसके कृत्यों से आमजन भय के वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। अनावेदक की निरंतर आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए इसे भी जिला एवं सीमावर्ती जिलों से जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया।

अनावेदक लोकेन्द्र उर्फ लच्छु पिता निरंजनसिंह चौहान, उम्र 39 वर्ष, निवासी दिलीप गेट झाबुआ, थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2015 से सक्रिय है तथा इसके विरुद्ध लड़ाई-झगड़ा एवं जुआ-सट्टा से संबंधित कुल 10 अपराध पंजीबद्ध हैं। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के बावजूद इसकी गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हुई है। इसके कारण आमजन भयभीत हैं और सामाजिक शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अतः लोक-शांति बनाए रखने हेतु इसका जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया।

उपरोक्त तीनों अनावेदकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत जिला बदर की कार्यवाही की गई है, ताकि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनी रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.