श्याम चौधरी मर्डर कैस: चुनौती बन गया था एक मर्डर कैस; फिर ऐसे हुआ हत्या का खुलासा …

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 मुकेश परमार@ क्राइम रिपोर्टर झाबुआ 
बीते 5 दिन पहले यानि 9 अप्रैल मंगलवार की रात हुई जिले के पेटलावद शहर के श्याम चौधरी की हत्या की वारदात ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था। हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस टीम ने रात-दिन एक कर दिया था और यही वजह है कि अब पुलिस मामले के खुलासे के करीब पहुंच गई है।
*एसपी ने खुद 6 घंटे रूककर अनुसंधान की दिशा में दिए थे दिशा-निर्देश:*
समाज सहित नगर में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ रहा था। इस हत्याकांड के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। श्याम का न तो किसी से विवाद हुआ था और न ही उसे कभी किसी ने विवाद करते देखा था, लिहाजा उसकी हत्या का मामला पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नही था। पेटलावद पुलिस इस मर्डर को हर एंगल से देख रही थी। इस हत्याकांड के बाद खुद एसपी विनीत जैन ने यहां 6 घंटो तक रूककर अनुसंधान में दिशा-निर्देश जारी किए थे।
*कॉल डिटेल की महत्वपूर्ण भूमिका:*
सूत्रो के अनुसार घटना के खुलासे में मोबाइल कॉल डिटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और मोबाइल के जरिए ही मिल सुराग के सहारे पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया और हत्या की गुत्थी सुलझती चली गई। हालांकि इस संबंध में टीआई नरेंद्र वाजपेयी से जब बात की गई तो उन्होनें कुछ भी बताने से इनकार किया और कहा कि पुलिस घटना के खुलासे के करीब है।
*चौकीदार ने ही की श्याम की हत्या:*
सूत्रो के मुताबिक रात की करीब 9 बजकर 34 मिनट पर अपने खेत पर बैठे श्याम का ध्यान मोबाइल चलाने में था, इसलिए उनके ही यहां खेत पर काम करने वाले मजदूर (चौकीदार) नाथू ने मौके का फायदा उठाया और उनके सिर पर लठ्ठ से जोरदार वार कर दिया और जब तक उनकी जान नही निकल गई तब तक उसने बेरहमी से उनके सिर पर वार किए।
*पुलिस को किया गया गुमराह:*
यह बंधुआ मजदूर श्याम की हर उस गतिविधि के बारे में जानता था, जो उनकी दिनचर्या में थी, इसके बाद उसने सुनियोजित तरीके लाश को ओर घटनास्थल को इस तरह से पेश किया जिससे पुलिस गुमराह हो सके। हत्यारे ने पुलिस को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हत्यारे ने घटनास्थल पर कुछ ऐसी चीजे रख दी, जिससे पुलिस का ध्यान भटक जाए और पुलिस उस तक पहुंच नही सके, लेकिन चोर कितना ही शातिर क्यो न हो कहीं न कहीं चूक कर ही देता है और उसने भी यह चूक करी और पुलिस ने उसे ढूंंढ निकाला। पुलिस ने कुछ दिनो में ही ऐसे सबूत खोज निकाले जिसने हत्यारे तक ले जाने में पुलिस को काफी मदद की, जिससे पुलिस महज 96 घंटो में इस सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड का खुलासे के करीब पहुंच गई।
*ऐसे हुआ हत्या का खुलासा:*
सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने जिन दो संदिग्धो को हिरासत में ले रखा था वह दोनो श्याम के यहां काम करते थे। एक दुकान पर रहता था, तो एक खेत पर रहकर खेत की निगरानी करता था। खेत पर रहने वाले ठिकरिया निवासी नाथू इस घटनाक्रम के बाद से ही पुलिस की शंका में था। हत्याकांड के बाद इसका फरार होना और पकड़ में आने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार कहानी बदलने के कारण शक की सुई उस पर घुमने लग गई। नाथू के जूते ओर बाईक पर से भी खून के निशान पुलिस को मिले थे। इसके बाद पूरी तरह से पुलिस का ध्यान उसी पर आ टिका और अंतत: पुलिस को सफलता हासिल हुई और शनिवार को पुलिस ने इस बड़े हत्याकांड में मिली चुनौती से पार पा ही लिया। इस मर्डर का पूरा खुलासा कल एसपी विनित जैन सुबह 11 बजे पेटलावद पहुंचकर करेंगे।