जितेंद्र वर्मा, जोबट
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना अमृत 2.0 जोबट नगर में राहत देने के बजाय आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य तो कर दिया गया, लेकिन इसके बाद सड़कों पर खोदे गए गड्ढे आज तक नहीं भरे जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लगभग एक वर्ष पूर्व केबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान द्वारा जोबट नगर में करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से जल आपूर्ति पाइपलाइन कार्य का भूमिपूजन किया गया था। ठेकेदार द्वारा करीब 9 माह पहले पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन सड़कों की मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है।
वार्ड 08 में हालात बदतर
यह पूरा मामला जोबट नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 08 का है, जहां सड़क पर बने गड्ढे अब बड़े-बड़े नालों का रूप ले चुके हैं। इन गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई बार बच्चे और बुजुर्ग इन गड्ढों में गिर चुके हैं, जिससे हमेशा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
गंदगी और बीमारियों का खतरा
गड्ढों में भरे गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं खराब रास्तों के चलते क्षेत्र में कचरा वाहन का आना भी बंद हो गया है, जिससे गंदगी फैल रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
