जनजाति विकास मंच ने टंट्या मामा भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

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जितेंद्र वर्मा, जोबट

टंट्या मामा की जयंती के अवसर पर जनजाति विकास मंच के द्वारा उनकी जयंती मनाई और मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी, इस मौके पर उनके द्वारा बताए गए मार्ग और पद चिन्ह पर चलने का संकल्प भी लिया है। 

जोबट कॉलेज तिराहे पर जनजाति विकास मंच खंड द्वारा टंट्या भील (मामा) की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि माल्यार्पण का कार्यक्रम किया, इस मौके पर बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे सभी ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।जनजाति विकास मंच जिला अध्यक्ष राजेश डुडवे ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि टंट्या मामा की जयंती आज पूरे देश भर में मनाई जा रही है और टंट्या मामा का जन्म एक छोटे से गांव बडदा में हुआ था जहां पर बरसों से आज के ही दिन एक उत्सव के रूप में उनकी जयंती मनाई जाती है और टंट्या मामा को जनजाति समाज का रॉबिनहुड भी कहा जाता है। इसके पीछे की खास वजह यह है, इन्होंने अंग्रेजों के राज में फल फूल रहे जमाखोरों द्वारा लूटे गए माल को गरीबों, शोषितो और आदिवासियों में बांट दिया करते थे साथी उनके कोई प्रकार के उदाहरण है उन्होंने यह भी बताया कि टंट्या मामा का जन्म 26 जनवरी को कुछ संगठनों ने भ्रांति फैलाने के लिए बता रहा है लेकिन वास्तविक उनका जन्म गणगौर पर्व के समय हुआ था जो आज भी उनके जन्म स्थल पर बड़े स्तर पर उनकी जयंती मनाई जाने की परंपरा वर्षो से आ रही वह उनकी जयंती का उदाहरण है। साथ ही उन्होंने यह बताया की जनजाति समाज के सैकड़ो नायकों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपना बलिदान दिया लेकिन उन्हें स्थान तत्कालीन अंग्रेज शासन ने नहीं दिया था अब हम सभी धीरे-धीरे उनको जानने और पहचानने लगे हैं। इस मौके पर आदिवासी लेखिका दीपेश्वरी गुथरे ने बताया कि आज हमें टंट्या मामा की जयंती मनाने का अवसर मिला है ओर इस अवसर पर एक संकल्प पर लेकर समाज में व्याप्त कृतियों से निपटने की बात कही, चूंकि कुछ भ्रांतियां दिनों दिन बडने लगी है, जो समाज के लिए अच्छा संदेश नही है।

इस दौरान सेवानिवृत डीएसपी विशन सिंह, जितेंद्र मंडलोई, चौहान, जनजाति विकास मंच खंड अध्यक्ष सेकूसिंह गाडरिया, अमन मंडलोई, इंदर सिंह सोलंकी, बबलू चमका, शैरु, निलेश राठौड़, लक्की भाई, भुरसिंह पटेल आदि मौजूद थे।

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