11 गांव के लोगों के साथ गूंजा हिंदू एकता का संदेश, पिटोल में हिंदू सम्मेलन में संत श्री ने उद्बोधन और संघ ने बौद्धिक दिया

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भूपेंद्र नायक, पिटोल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला के तहत पिटोल नगर में’हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नन्हे-मुन्ने बच्चों और मातृ शक्तियों ने सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

आज सुबह पिटोल के मालटोड़ी मोहल्ले में स्थित सालारेश्वर महादेव मंदिर पर से हिंदू सम्मेलन के लिए उज्जैन से पधारे महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरि महाराज  की भव्य शोभायात्रा के साथ हिंदू सम्मेलन शुरुआत हुई महामंडलेश्वर जी को सुशोभित रथ में बिठाकर पूरे पिटोल नगर में गाजे बाजे केसाथ यात्रा निकाली गई यह शोभायात्रा मालटोड़ी से प्रारंभ होकर हिंदू सम्मेलन के कार्यक्रम स्थल खेल मैदान निकाली गई इस भविष्य को यात्रा में पिटोल नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से हजारों संख्या में भाई बहनों ने शामिल होकर शोभायात्रा का धार्मिक आनंद लिया इसके पश्चात महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरि जी महाराज को कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया सर्वप्रथम मां भारती के आगे दीप प्रजलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शैलेषानंद गिरि महाराज महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा उज्जैन के साथ राष्ट्रीय संघ के जिला प्रचारक रजत चौहान एवं मातृ शक्ति का  की ओर से सु श्री भूमिका पावर मंच पर विराजित हुए।

संत शिरोमणि महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि अखंड भारत में पहले कोई जात-पात नहीं थी अखंड भारत में 565 रियासतों में एकता थी जाति पाति प्रांत पर लड़ाई नहीं थी परंतु विदेशी आक्रांताओं विधर्मियों द्वारा यह विचार फैलाई गई कि हिंदू कोई धर्म नहीं है और संप्रदाय के नाम पर आपस में जहर फैला कर जात-पात बनाकर हिंदू एकता को तोड़ने लगे विधर्मी आक्रांताओ ने इस देश के ऊपर राज करने के लिए कई मंदिरों को तोड़कर लुटा। सोमनाथ मंदिर को 16 बार आक्रमण कर तोड़ा गया फिर भी सनातन हिंदू धर्म बड़ा था और हमने हर नहीं मानी आज के परिवेश में जनजाति बाहुल्य जिलों में झूठ चमत्कारी लोग अपने  चमत्कार की पोटली लेकर आ रहे हैं धर्म के नाम पर चमत्कार दिखाकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। उन्होंने कहा टंट्या मामा भील और जो जनजाति समुदाय के जननायक है वह परिवर्तन नहीं होते विधर्मी जानते हैं केवल भोले भाले अनपढ़ लोगों को ही धर्म परिवर्तन करवाते हैं स्वामी विवेकानंद जी हमारे आधार से संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म ही सभी धर्म पंथ कर्मों को लेकर एक साथ चलता है हमें हमारे सनातन हिंदू धर्म को बचाना है तो इन विधर्मियों का डटकर सामना करना पड़ेगा और धर्म और हिंदूके साथ सनातन धर्म को बचाने का दीपक भी इसी झाबुआ जिले के साथ जनजाति बाहुल्य जिलों से  ही इसकी अलख जागेगी  और  धर्म परिवर्तन लोग  हिंदू अपने हिंदू धर्म अपनाकर घर वापसी करेगा।

कार्यक्रम में मातृ शक्ति  भूमिका पंवार ने अपने उद्बोधन में समाज को जागृत होने का आह्वान किया और बच्चों में सुसंस्कृत राष्ट्रभक्ति के विकास पर जोर दिया। ओर कुटुंब प्रबोधन और पंच परिवर्तन विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। संयुक्त परिवार से विघटन होकर एकल परिवार में परिवर्तित हुआ वापस संयुक्त परिवार में जुड़ना सामाजिक समरसता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर कोई जोर दिया।

मुख्य वक्ता एवं संघ के प्रवक्ता रजत चौहान ने अपने संबोधन में संघ के 100 वर्षों के इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का विचार संघ की आत्मा है। हर वह व्यक्ति जो भारत के धार्मिक स्थलों, महापुरुषों, नदियों, गौ माता और इस देश को मां के रूप में पूजता है, वह हिंदू है, भले ही उसकी पूजा पद्धति या स्वरूप कुछ भी क्यों न हो। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संघ की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई।

समरसता भोज का किया गया

समरसता भोज का आयोजन  हिंदू सम्मेलन में वक्ताओं के बौद्धिक के बाद 11 गांव के लोगों साथ सभी धर्म वर्ग के लोगों के लिए हिंदू सम्मेलन करने वाली  समिति ने सभी के लिए समरसता भोज का आयोजन किया था जो शाम की 6  तक चलता रहा इस समरसता भोज में 7000 लोगों ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गो माता भारत माता के पूजन एवं आरती के साथ हुई।  सम्मेलन में हजारों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रियंका नायक ने किया और आभार संघ के खंड प्रचारक डॉक्टर जगदीश खतेड़िया द्वारा माना गया

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