श्री दुर्गा पाठ महोत्सव समिति का दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न, नौकुंडीय यज्ञ और भंडारा हुआ

झाबुआ।  श्री दुर्गा पाठ महोत्सव समिति द्वारा श्री दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्णाहुति पर दो दिवसीय भव्य आयोजन किए गए। जिसके दूसरे दिन 16 जून, रविवार सुबह 8 बजे से विवेकानंद कॉलोनी स्थित श्री उमापति महादेव मंदिर से भव्य कलश यात्रा बैंड-बाजों और ढोल-ताशों के साथ निकाली गई। पश्चात् नेहरू मार्ग स्थित महाकालिका माता मंदिर परिसर में सामूहिक श्री दुर्गा सप्तशती पाठ हुआ।

 तत्पश्चात् मंदिर परिसर में नौ कुंडीय महायज्ञ परम् पूज्य गुरुदेव ब्रह्मचारी श्री सत्यानंद ‘योग ऋषिजी’ महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। समापन पर कन्या भोज एवं शहर भंडारा रखा गया, जिसका हजारों भक्तों ने लाभ लिया। जानकारी देते हुए आयोजक समिति के दिलीप पालीवाल एवं नरेंद्र राठौरिया ने बताया कि उमापति महादेव मंदिर पर श्री सत्यानंदजी महाराज द्वारा पधारने पर यहां गुरुदेव ने मंदिर में दर्शन किए। बाद युवा ज्योतिषाचार्य पं. विजेंद्र व्यास द्वारा मंत्रोच्चार के साथ गुरुदेव ने शिवलिंग पर पूजन एवं जलाभिषेक किया। यहां से बैंड-बाजों और ढोल-ताशों के साथ भव्य कलश यात्रा आरंभ हुई। बैंड&बाजों पर धार्मिक भजनों एवं गीतों पर महिलाओं ने एक जैसे ड्रेस-,कोड लाल वस्त्रों में जगह-जगह नृत्य के साथ गरबे खेले गए। आगे अश्वों पर रिया एवं सिया राठौरिया, अनुष्ठा जोशी एवं शुभम पालीवाल केसरिया ध्वज लेकर चले। 

यात्रा में बड़ी संख्या में बालिकाएं अपने सिर पर कलश लेकर सम्मिलित हुई। समिति सदस्य एवं माता भक्त भी एक जैसे ड्रेस-कोड में सम्मिलित हुए। सबसे पीछे विशेष रथ पर गुरुदेव विराजमान होने के साथ यह चल समारोह सिद्धेश्वर कॉलोनी से थांदला गेट, बाबेल चौराहा, आजाद चौक, श्री गोवर्धननाथ मंदिर तिराहा होते हुए नेहरू मार्ग स्थित महाकालिका माता मंदिर पहुंचा। श्री‌ अखंड रामायण पाठ की हुई पूर्णाहूति – यहां नवनीत कला मंडल के सदस्यों ने गुरुदेव की अआगवानी की। मंच पर गुरुदेव द्वारा विराजमान होने के साथ महादुर्गाजी की विशेष पूजन की गई। सभी ने महादुर्गाजी, भगवान श्री राम, भारत माता एवं गुरुदेव के सामूहिक जयघोष लगाएं। सर्वप्रथम श्री सत्यानंजी महाराज के सानिध्य में श्री दुर्गा सप्तशतीजी का सामूहिक संक्षिप्त पाठ किया गया। जिसकी विधि गुरुदेव द्वारा संपन्न करवाने के साथ आचार्य पं. कैलाशचंद्र त्रिपाठी एवं ओपी भट्ट ने मंत्रोच्चार करवाया। यज्ञ का संचालन दिलीप वर्मा ने किया। यज्ञ में सभी जोड़े सपरिवार शामिल हुए। 

गुरुदेव ने यज्ञ का महत्व बताया कि भारतीय संस्कृति में हवन का विशेष महत्व होता है, इससे परिवार में सुख शांति और समृद्धि आने के साथ सकारात्मकता का वातावरण निर्मित होता है। साथ ही पर्यावरण भी शुद्ध होकर यज्ञ में मंत्रोच्चार के साथ प्रदान की जाने वाली आहूतियो से ईश्वर भी प्रसन्न होकर मनवांछित फल देते है। यज्ञ करीब 1 घंटे तक चलने के बाद श्री अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहूति पर विशेष आरती  दिलीप पालीवाल एवं श्रीमती चन्दा-नरेंद्र राठौरिया ने की। इस अवसर पर विशेष रूप से मप्र शासन के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निज सचिव आनंद भट्ट, पूर्व नपा ध्यक्ष धनसिंह बरिया एवं बसंती बारिया, पार्षद घनश्याम भाटी आदि भी उपस्थित रहे। सभी ने कतारबद्ध होकर गुरुदेव के दर्शन कर आरती की प्रसादी प्राप्त की। भंडारे का शहर के साथ ग्रामीणजनों ने भी लिया लाभ – दोपहर 1 बजे से मंदिर परिसर में कन्या भोज एवं भंडारा का आयोजन हुआ। जिसमें महिला-पुरुष के लिए दो अलग-अलग काउंटर बनाकर भंडारा प्रसादी वितरण में विशेष सहयोग वरिष्ठजनों में नवनीत कला मंडल से जुड़े राधेश्याम परमार ‘दादूभाई’, बाबूलाल पांचाल, कन्हैयालाल राठौर, कान्हा अरोड़ा, श्री रामायण मंडल से जुड़े हरिभाई सतोगिया, नारायणसिंह राठौर, बीएस पंवार, पं. राहुल गोस्वामी, श्री दुर्गा पाठ महोत्सव समिति से जगदीश जोशी, हेमेंद्र भानपुरिया, हरीश यादव, डॉ. एलएस जादौन, कमलेश त्रिपाठी, स्वीट गोस्वामी, दौलत गोलानी, प्रवीण कालानी आदि सहित अन्य माता भक्तों ने प्रदान किया। भंडारे का शहर सहित रविवार हाट बाजार होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों भक्तों ने लाभ लिया।  भंडारा शाम करीब 4.30 बजे तक चला। श्री दुर्गा पाठ महोत्सव समिति ने दो दिवसीय आयोजन सा-आनंद संपन्न होने पर सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोगियों के प्रति आभार माना।