रतलाम में मोदी की चुप्पी ने डामोर के जिन्ना प्रेम पर मुहर लगा दी : कांग्रेस

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झाबुआ । रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कल रतलाम की चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा प्रत्याशी गुमानसिंह डामोर के जिन्ना प्रेम पर चुप्पी साधकर यह जाहिर कर दिया है कि भारत के टुकड़े करने के जिम्मेदार जिन्ना के संबंध में डामोर की टिप्पणी पर वे भी सहमत हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने डामोर की टिप्पणी की सार्वजनिक रूप से पुष्टि कर दी है। अपनी पार्टी के प्रत्याशी के राष्ट्र विरोधी आचरण पर मोदी द्वारा किसी प्रकार की प्रतिक्रिया न देना जाहिर करता है कि राष्ट्र के मान-सम्मान के साथ उनका कोई आत्मीय लगाव नहीं है। उनका राष्ट्रवाद तो केवल चुनावी सभाओं तक सीमित होकर रह गया है। भाजपा के प्रादेशिक नेतृत्व का मौन भी कई सवाल खड़े कर रहा है। यह आरोप आज कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में लगाया गया है। यह बयान झाबुआ जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, जिला कांग्रेस युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष नंदलाल मेण, कांग्रेस प्रवक्ता हर्ष भट्ट, आचार्य नामदेव, साबिर फिटवेल, कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष राजेश भट्ट और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विनय भाबोर ने आज बयान जारी किया है। बयान में कहा है कि रतलाम-झाबुआ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गुमानसिंह डामोर के जिन्ना-प्रेम की संसदीय क्षेत्र के नगरों, कस्बों और गांव- टोलों में भी निंदा की जा रही है। भारत के बंटवारे के मुख्य किरदार मोहम्मद जिन्ना को स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में देखने की आकांक्षा से आम लोग आक्रोशित हैं और खुलकर कह रहे हैं कि सरकार के सेवानिवृत अधिकारी से ऐसे निंदनीय आचरण की जरा भी उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बयान में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के छोटे-बड़े नेता रात-दिन राष्ट्र-प्रेम और राष्ट्रवाद की माला जपते रहते है और दूसरों के मुकाबले खुद को बड़ा देशभक्त बताते हैं। गुमानसिंह डामोर ने सार्वजानिक रूप से जाहिर करते हुए अपने जिन्ना प्रेम से साबित कर दिया है कि भाजपा के नेताओं के लिए अब राष्ट्र प्रेम और राष्ट्रभक्ति केवल राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति का एक जरिया मात्र बनकर रह गया है। दरअसल उनके मन में तो मोहम्मद जिन्ना बैठे हुए हैं। यदि ऐसा न होता तो गुमानसिंह डामोर को भाजपा उनकी निंदनीय टिप्पणी के दूसरे दिन ही पार्टी से बाहर कर चुकी होती। डामोर की टिप्पणी ने भाजपा के राष्ट्रवाद के गुब्बारे की हवा ही निकाल दी है। और जाहिर तौर पर बता दिया है कि भाजपा के लोगों की कथनी और कहनी में भारी अंतर है। वे जो करते हैं वह कहते नहीं और जो कहते हैं वह भूलकर भी करते नहीं हैं।
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