दलित युवक को जिंदा जलाने वाले आरोपी अभी भी है बाहर, जल्द हो गिरफ्तारी…

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झाबुआ Live desk….
अजा वर्ग के एक युवक धनीराम अहिरवार को जिंदा जलाने की कोशिश के बाद उसकी हॉस्पिटल में मृत्यु हो जाने के मामले में भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा ने कलेक्टर के नाम एसडीएम खराड़ी को ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में बताया कि पीड़ित युवक धनीराम को आरोपी युवक काफी दिनों से परेशान कर रहे थे। अगर समय रहते मोतीनगर पुलिस कार्रवाई करती तो घटना टाली जा सकती थी। लेकिन पुलिस ने इसे नजरंदाज कर दिया।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मात्र 5 अपराधियों पर ही अपराध पंजीबद्ध किया जबकि अपराध गठित करने में 20 से 25 लोग शामिल थे। शेष सभी अपराधियों पर अपराध पंजीबद्ध करने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके साथ ही ज्ञापन में बताया गया कि 8 दिन पूर्व भी मृतक के परिवार की महिला के साथ अपराधियों ने मारपीट की थी, लेकिन उस पर स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की उसके बाद जलाने का जघन्य अपराध घटित हुआ, वही 2019 में मृतक के परिवार के साथ भी इन्हीं लोगों ने मारपीट की घटना घटित की। इन सभी घटनाओं से सिद्ध होता है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा गंभीर लापरवाही का नतीजा है युवक को जिंदा जलाने की घटना। ज्ञापन में पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि घटना के 6 दिन तक सरकार का कोई भी मंत्री या खुद मुख्यमंत्री पीड़ित को देखने वह पीड़ित के परिवार को सांत्वना देने भी नहीं गए इससे सरकार का दलित विरोधी चेहरा उजागर हो रहा है। ज्ञापन में मृतक के परिवार का गरीबी प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन तथा तत्काल 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद करने व मृतक परिवार के किसी एक सदस्य को शासकीय नौकरी दिए जाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास प्रदान करने का भी मांग की गई।
ज्ञापन देने में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम शर्मा, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेश यादव, जिला महामंत्री शेलेन्द्र राठौर, जगदीश जाटव, राजू धानक, नन्दलाल रेड्डी, मनीष बघेल आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।