झाबुआ लाइव के लिए मुकेश परमार की रिपोर्ट-
प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ाने व शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए शासन ने ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति तो कर दी लेकिन यह अतिथि शिक्षक सहायक के के गाने बन का शिकार हो रहे हैं यह गए हैं। हालांकि यहां की नया शिक्षा सत्र शुरु होने के 3 माह बीत चुके हैं इसके बावजूद भी अतिथि शिक्षकों को मंत्री के रुप में 1 भी नहीं मिला है। गत 3 माह से मुफ्त में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से इनके सामने दीपावली जैसा त्योहार भी उनके लिए अंधेरे में मनाना जैसा रहेगा। इस क्षेत्र में 256 अतिथि शिक्षक 3 माह से बगैर वें वेतन मिले पढ़ा रहे हैं शासन व प्रशासन की जिम्मेदार नुमाइंदों उसे उनके बार अनेक बार गुहार लगाने के बाद भी अतिथि शिक्षकों को आज भी वेतन मिलने का सिर्फ इंतजार ही करना पड़ रहा है सर्वाधिक स्थिति इन अतिथि शिक्षकों की खराब है जो परिवार के अकेले कमाने वाले होकर दूर दराज की गांव में पदस्थ किया है प्रदेश में जुलाई से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के बाद से ही अतिथि शिक्षकों द्वारा अपनी शैक्षणिक संस्थाओं में सेवाएं दी जा रही है प्रतिमा उनका वेतन मिलने की आस बंधी हुई है और समय बीतने के साथ ही यह टूट जाता है लगातार तीन माह बीत जाने के बाद भी इन अतिथि शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं किया गया इस संबंध में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी संतोषजनक जवाब तक देने को तैयार नहीं है शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही अतिथि शिक्षकों ने अपनी पदस्थापना वाली शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाना प्रारंभ कर दिया था उसके बाद सरकार ने ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरु की थी जिसके कारण अतिथि शिक्षकों को स्कूल से आमंत्रण नहीं मिला
एक रुपया भी नहीं मिला
विद्यालयों में तिमाही परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए परीक्षाएं संपन्न कराने तक की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों ने संभाली इसके बावजूद भी अतिथि शिक्षकों को एक तक नहीं मिला 3 माह से लगातार वेतन मिलने के कारण अधिकतर अतिथियों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो गई है। परिवार का पालन पोषण करने के लिए उनके पास कर्ज लेना पड़ रहा है अनेक अतिथि शिक्षक कैसे हैं जो परिवारों में अकेले कम आने वाले हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें यह समझ नहीं आ रही कि करें तो क्या करें विद्यालय में 150 प्रतिदिन पर सेवाएं देने वाले क्षेत्र की अतिथि शिक्षकों को 3 माह से वेतन नहीं मिला इसके विपरीत भोपाल-जबलपुर जिले में कार्यरत अधिकारियों का वेतन मिल चुका है। सूत्र बताया जाता है। कि सभी जिलों के जिला शिक्षक अधिकारी को आगामी 15 अक्टूबर तक अतिथि शिक्षकों का वेतन दिए जाने के लिए वरिष्ठ कार्यालय द्वारा दिए जा चुके हैं इसके बावजूद भी अतिथि शिक्षकों को अपने वेतन मिलने के लाले पड़े हुए हैं स्थानीय अतिथि शिक्षक संघ ने दीपावली के पूर्व वेतन देगी जाने की मांग की है।