झाबुआ। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बीसी मलैया के मार्गदर्शन में रविवार को दोपहर 11 बजे जिला जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें नि:शुल्क विधिक सहायता, बंदियों के अधिकार, प्री-बारगेनिंग योजना, मध्यस्थता एवं लोक अदालत आदि विशयों पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत में न्यायाधीश देवदत्त ने जिला जेल में उपस्थित सभी बंदियों से अपनी-अपनी समस्याओं के बारे में बताने को कहा। जिसमें 15 से अधिक बंदियों ने अपनी समस्याओं को न्यायाधीश एवं सदस्यों के समक्ष रखा। जिसमें प्रमुख रूप से निर्णय में देरी होने, जमानत नहीं होने एवं अधिवक्ता नियुक्ति नहीं होने की समस्याएं सामने आई। जिस पर न्यायाधीष ने कहा कि जिन प्रकरणों में आपके अधिवक्ता नहीं है, उन्हें तुरंत ही प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता नियुक्ति कर दिए जाएंगे। इसी तरह अन्य समस्याओं के संबंध में आपने बताया कि माननीय न्यायालय अब अतिषीघ्र प्रकरणों का निराकरण कर रहीं है। जिसके कारण आपको भी जल्द ही न्याय प्राप्त हो जाएगा। आपने जेल में बंद कैदियों से कहा कि वे जेल से छूटने के बाद आगे अपराध नहीं करने का संकल्प ले और अच्छे नागरिक बने।
जेल में अनुशासन बनाकर रखे
साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता यशवंत भंडारी ने कहा कि विधिक प्राधिकरण द्वारा पिछले दिनों जेल के बंदियों की समस्याओं के निराकरण के लिए कई प्रयास किए गए और जिसके कारण बंदियों को राहत भी प्राप्त हुई। आपने कहा कि वर्तमान में षासन एवं न्यायालय के माध्यम से आपको कई सुविधाएं प्राप्त है। जिसके कारण आप जेल में भी एक बेहतर जीवन व्यतीत कर रहे है। उन्होंने बंदियों से कहा कि जेल में आप सभी प्रेमपूर्वक रहे तथा जेल कर्मचारियों के साथ सहयोग कर अनुशासन रखे। जिसके कारण आपको जेल से पैरोल और सजा में छूट प्राप्त हो सकती है। डॉ. नलवाया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र में जागरूकता की कमी एवं पुरानी कुप्रथाओं के कारण हमारे आदिवासी भाई अनजाने में बड़े अपराध कर बैठते है, लेकिन उनकी मंशा इस प्रकार के अपराध करने की नहीं होती है। उन्होंने कहा कि हमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आदिवासी समाज को शिक्षित एवं जागरूक बनाने के प्रयास करने होंगे। जिला विधिक सहायता अधिकारी सिमोन सुलिया ने शिविर का संचालन करते हुए जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं, लोक अदालत, मध्यस्थता आदि के संबंध में बंदियों को अवगत करवाया। जिला जेल के प्रहरी आरआर यादव ने कार्यक्रम में आवश्यक सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला जेल के बंदी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में जिला जेल के उप अधीक्षक अशोक शर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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