मां-बेटी के डबल मर्डर के सजायाफ्ता आरोपी ने चादर का फंदा बनाकर जेल के बाथरूम में की आत्महत्या

0
370

राजेन्द्र शर्मा@दाहोद ब्यूरो चीफ

दाहोद शहर के गोधरा रोड पर स्थित मां-बेटी के डबल मर्डर केस के अपराध में दाहोद सब जेल में सजा काट रहे कैदी ने आज सुबह सब जेल के बेरेक मे बने बाथरूम में चादर का फंदा बनाकर आत्महत्या कर लेने से दाहोद शहर सहित जिले में हड़कंप मच गया।इस घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन को मिलने पर पुलिस प्रशासन के आला अफ़सरो, प्रांत अधिकारी, एसडीओपी सहित का काफिला ताबडतोड दाहोद सब जेल मैं पहुंच गया था जहां पर देर शाम तक अधिकारीओ की उपस्थिति मे पंचनामे की कार्यवाही चल रही थी ।मिली जानकारी अनुसार मृतक केदी के जेब में से सुसाइड नोट भी बरामद हुई है। मिली जानकारी अनुसार पिछले साल 17 नवंबर के रोज दाहोद दर्पण सिनेमा रोड की निवासी नंदाबेन सिसोदिया तथा उनकी 4 वर्षीय पुत्री ऎजल रहस्यमयी संजोगो में गुम हो गई थी ।इस घटना के बाद शहर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी इस घटना के बाद 4 वर्षीय बालिका ऎजल की लाश लिमखेड़ा की हड़प नदी में से बरामद हुई थी। पुलिस जांच में गुमशुदा मां-बेटी में से यह लाश गुम हुई ऎजल का होने का सामने आया था जिसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा इस घटना के संदर्भ में घनिष्ठ जांच का दौर शुरू कर दाहोद शहर के गोधरा रोड के निवासी दिलीपभाई भाभोर तथा उनकी पत्नी मंजू बेन एवं दिलीप भाबोर के साथी मित्र रोहित समेत कुल 3 लोगो को शक के बुनियाद पर पुलिस ने उपरोक्त पति पत्नी और उसके अन्य एक साथी मित्र की घनिष्ठ पुछताछ करने पर इस केस की एक के बाद एक पर्ते खुलती चली गई पुलिस की पुछ ताछ मे पति पत्नी ने कबूल किया की नंदाबेन एवं उन्की 4 वर्षीय बेटी एन्जल की हत्या कर उनके शव को मकान में बनी पानी की टंकी में डाल कर उसके ऊपर सीमेंट डाल कर लाश को दफना दिया पुलिस द्वारा की गयी पुछ ताछ मे दिलिप भाभोर ने बताया था की नंदाबेन के पास से उन्होंने ₹2 लाख ब्याज पर लिए थे वह रुपए वापस न करने पर उसकी माता -पुत्री की हत्या कर दी थी तत्पश्चात पुलिस द्वारा तकरीबन 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ब्रेकर मशीन के द्वारा खुदाई कर मृतक नंदाबेन की लाश को जमीन मे 8 फीट नीचे से निकाला गया था। मां बेटी के डबल मर्डर केस के अपराध मे दिलीप भाबोर को कोर्ट ने दाहोद की सब जेल में भेज दिया था जहां पर दिलीप भाभोर ने आज सुबह 7 बजे जेल मे बने बेरेक की बाथरुम मे चादर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी तत्पश्चात जेल प्रशासन द्वारा इस बात की जानकारी पुलिस प्रशासन को देने पर पुलिस प्रशासन के अफसरों एवं सलग्न विभागों के अधिकारियों ने ताबड़तोड़ सब जेल में पहुंचकर जांच करने पर दिलीप भाभोर के जेब में से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिसमें उसने लिखा था कि माता-‘पुत्री का$ डबल मर्डर केस में मेरी पत्नी मंजू तथा रोहित निर्दोष हे दोनों मर्डर मैंने किए हैं मेरी पत्नी हो मेरे मित्र इस केस में निर्दोष है मेरे मरने के बाद मेरे संतानों तथा मेरे माता-पिता का ध्यान रखना ऐसा सुसाइड नोट में लिख कर दिलीप भाभोर ने फांसी के फंदे पर झूल कर आत्महत्या कर ली। तत्पश्चात पुलिस ने पंचनामा जरूरी कागज कर मृतक के शव को पीएम करने हेतु दाहोद के सरकारी अस्पताल भेजकर आगे की जांच शुरू की है।