भारतीय स्त्री शक्ति द्वारा सावित्रीबाई फुले जयंती पर भव्य आयोजन, महिला उद्यमियों के हुनर को मिला मंच

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आलीराजपुर। सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर भारतीय स्त्री शक्ति द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता शालिनी दुबे (भारतीय स्त्री शक्ति ) एवं विशेष अतिथि अंजलि चौधरी जिला डब्ल्यू सीडी अधिकारी थी।

इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भर स्टॉल्स का भी आयोजन किया गया । जिसका नाम क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले महिला उद्यमी स्टॉल जागृती मेलारखा है। ‘सावित्री जागृति मेला’, महिला उद्यमिता के स्टॉल और प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। सावित्रीबाई फुले जयंती पर महिलाओं की शक्ति का पावन अवसर पर महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को समर्पित ‘सावित्री जागृति मेला’ का भव्य आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम 25 जनवरी 2026 को आजाद भवन, बस स्टैंड के पास भारतीय स्त्री शक्ति इकाई–आलीराजपुर के तत्वावधान में आयोजित किया ।

भारतीय स्त्री शक्ति ने जानकारी देते हुए बताया कि क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले महिला उद्यमी स्टॉल एवं प्रदर्शनी का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5बजे तक किया गया । इस प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भर 25 स्टॉल लगाए गए जिनमे नगर की एवं जिले की महिलाओ ने अपने हुनर, उत्पाद और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

निरजा चंदेल ने बताया कि सावित्रीबाई फुले का सपना था कि हर महिला शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बने। वे भारत की प्रथम महिला शिक्षिका होने के साथ-साथ नारी सशक्तिकरण की प्रणेता थीं। उन्हीं के विचारों और संघर्षों से प्रेरित होकर यह आयोजन महिलाओं को जागरूक करने, आगे बढ़ने और स्वावलंबन की दिशा में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह मेला न केवल सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगा, बल्कि महिला शक्ति, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, सावित्री बाई फुले और भारत माता के चित्र के पूजन माल्यार्पण से की गई। बेबी कंदरा शाह द्वारा सरस्वती वंदना पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया।

अध्यक्ष नीरजा चंदेल द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा और सावित्रीबाई फुले का चित्रण सावित्रीबाई फुले का सपना, शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बने हर महिला का जीवन अपना एवं उद्यमी प्रदर्शनी स्टॉल के बारे में जानकारी दी। मुख्य वक्ता के रुप मे श्रीमती शालिनी दुबे जी द्वारा सावित्रीबाई फुले और महिलाओं के आगे बढ़ाने आत्मनिर्भरता और उनके सशक्त होने पर बहुत ही शानदार उद्बोधन देकर महिलाओं में जागरूकता का संदेश दिया। विशेष अतिथि अंजलि चौधरी जिला डब्ल्यू सीडी अधिकारी* द्वारा महिला एवं बाल विकास से संबंधित महिलाओं के हितार्थ सभी योजनाओं का मार्गदर्शन देकर सभी उद्यमी महिलाओं के व्यवसाय को बढ़ावा देने हेतु जागरूक किया और आत्मनिर्भरता के साथ स्वयं की पहचान बनाकर स्टॉल प्रदर्शनी लगाने पर भूरी भूरी प्रशंसा की।

उपाध्यक्ष- मंजुला जोशी द्वारा बताया भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, नारी सशक्तिकरण की प्रणेता माता सावित्रीबाई प्रेरणा एवं जागरूक करने मे सक्षम रही है। अभी तक भारतीय स्त्री शक्ति अलीराजपुर के तत्वाधान में जितने भी कार्यक्रम आयोजित किए गए उसका वाचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों का सम्मान भी किया गया जिसमें जागृति वाघेला, जयश्री गेहलोत, कीर्ति गेहलोत, श्रीमती ज्योति राठौर, अंजू सिसोदिया, संध्या तवर, दीप्ती पवार, सुधा राठौड़ का सम्मान किया गया! कार्यक्रम में अंजू द्वारा सावित्रीबाई फुले का जीवन चरित्र बताया दीप्ति द्वारा साहित्यिक कविता एवं प्रतिभा द्वारा काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में जयश्री वर्मा, संगीता अगाल, सुनीता गोराना निशा शाह, रेखा पवार किशोरी शाह का योगदान रहा! एडवोकेट नेहा राठौर द्वारा महिला शक्ति का परिचायक देकर बेहतरीन संचालन, किया। सुधा राठौड़ द्वारा आभार दिया। अलीराजपुर और उपस्थित श्रोताओं की सक्रियता, उत्साह, जिज्ञासा और कर्मठता प्रशंसनीय रही। कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण महिलाओं द्वारा संचालित विभिन्न स्टाल रहे। स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजन, अचार, पापड़, स्थानीय कलाकृति, आभूषण, साड़ी, सूट, लहंगा, स्वनिर्मित- साबुन, तेल, क्रीम के स्टाल लगाए गए। अलीराजपुर की परंपरा अनुसार आदिवासी जोड़ा की स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सभी एक से बढ़कर एक रहे। अलीराजपुर की स्त्री शक्ति ने मिसाल कायम की। भारतीय स्त्री शक्ति अलीराजपुर संगठन निश्चित ही अपने काम को बहुत आगे ले जाएगी ऎसा संकल्प लिया।

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