फाटा डेम पर लावारिस हालत में पड़ी हैं हाई वोल्टेज केबलें, हादसे का अंदेशा

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जितेंद्र वाणी, नानपुर 

फाटा डेम पर लापरवाही नजर आ रही है। जब फाटा क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया, तो वहां रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य सामने आए। परियोजना स्थल पर हजारों वाट की चालू बिजली की केबलें असुरक्षित तरीके से जमीन पर लावारिस पड़ी हुई हैं। यह स्थल पर्यटकों की आवाजाही वाला क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में आवारा पशु भी विचरण करते हैं। खुले में पड़ी इन नंगी और चालू केबलों से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और किसी की जान जा सकती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।

भ्रष्टाचार और चोरी की भेंट चढ़ी परियोजना

विश्वस्त सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इस परियोजना से लाखों रुपये का लोहे का कीमती सामान और भंगार गायब हो चुका है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इस सरकारी संपत्ति को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। मेंटेनेंस (रखरखाव) के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट आता है, लेकिन मौके पर सुधार के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है।

पिछली गलतियों से भी नहीं लिया सबक

यह पहला मौका नहीं है जब इस परियोजना के प्रबंधन पर सवाल उठे हों। इसके पूर्व, भारी बारिश के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक डैम के गेट खोल दिए गए थे। उस समय प्रशासनिक दूरदर्शिता की कमी के कारण क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी, जिससे ग्रामीणों के मवेशी बह गए थे और सिंचाई की मोटरें व अन्य सामान नष्ट होने से भारी आर्थिक जनहानि हुई थी।

अधिकारियों की गैर-मौजूदगी और सुरक्षा का अभाव

परियोजना की कमान पूरी तरह से छोटे कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय या अपने घरों से ही काम चला रहे हैं, जिसका नतीजा यह है कि यह स्थल अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और देखरेख के अभाव में यह करोड़ों का प्रोजेक्ट अपनी चमक खोता जा रहा है।

सब इंजीनियर लक्ष्मण सिंह वाडिया ने बताया केबलों को स्टेंड रखेंगे। ये केबल पहले जमीन में थी, इसके करना पूर्व में फाल्ट हुआ था।

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