जितेंद्र वाणी, नानपुर
आलीराजपुर जिले के नानपुर में करोड़ों की लागत से बन रहे स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण विवादों के घेरे में है। पीआईयू (PIU) विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और विनस कंपनी के ठेकेदार पर नियमों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और भारी अनियमितता के आरोप लग रहे हैं।
निर्माण स्थल पर करोड़ों की लागत से बनी ‘फ्लोरोसिस निवारण’ पानी की टंकी को उखाड़कर कबाड़ की तरह अन्य जगह फेंक दिया गया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण और मरीजों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने अब तक ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों और स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि पिछले दस वर्षों से इन टंकियों में पानी की एक बूंद नहीं पहुंची है। रखरखाव के अभाव में टंकियों के भीतर मरे हुए जीव-जंतु पड़े हैं।
