नानपुर में पहली बार दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना साहब आए, एक झलक पाने कई जगह से पहुंचे समाज जन
जितेंद्र वाणी, नानपुर
रविवार को अलीराजपुर जिले का नानपुर कस्बा इसका साक्षी बना नगर के इतिहास में दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु साहेब पहली बार यहां पधारे। सुबह आठ बजे से -कुक्षी, बड़वानी, राजपुर, मनावर, धरमपुरी, इंदौर, आलीराजपुर, आम्बुआ, दाहोद, पलसूद, सेंधवा, इंदौर आदि जगहों से बड़ी संख्या में बोहरा समाजजनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
सुबह 10.30 बजे “इंतज़ार की हर घड़ी अब इतिहास बनने जा रही थी और जिस समय का बरसों से इंतजार था …यादगार पलों का वह स्वर्णिम क्षण बहुत क़रीब जैसे जैसे नजदीक आ रहा था बेकरारी बढ़ती जा रही थी….! “एक ऐसा पल, जो समय के पन्नों में दर्ज होगा, अब बस कुछ ही क्षण दूर था।” और जैसे ही सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन मौला(त.ऊ.श.)के काफिले ने नानपुर टोल प्लाज़ा क्रास कर नानपुर की तरफ़ बढ़े तों..“गरिमा, गौरव और गौरवशाली इतिहास का साक्षी बनने वाला वह क्षण अब सामने आ गया। नानपुर के बोहरा समाज के महज़ 15 घरों के छोटे – बड़े से लेकर बुजुर्गों के खुशी के मारे पांव जमीन पर नहीं थे क्योंकि जो ख्वाब बरसों से देखा था अब जैसे जैसे साकार होने जा रहा था! “धड़कनों को तेज़ कर देने वाला वह यादगार पल अब नज़र के सामने हैं “जिस पल का सबको इंतज़ार था, वह अब हक़ीक़त बन गया* *“उत्साह, सम्मान और उम्मीदों से भरा वह ऐतिहासिक क्षण अब बहुत नज़दीक है।” समाज के 53 वें धर्मगुरु डॉ सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की कार ने जैसे ही कस्बे में प्रवेश किया* *समाजजनों के साथ ग्राम के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सय्यदना मुफद्दल सैफुद्दीन मौला ने मर्कज में वाअज(प्रवचन) के लिए पधारे। सय्यदना साहब ने कहां कि यहां पर कम संख्या मे समाजजन रहते है । यहां कि एक बिटिया जामेआ की विद्यार्थी है। और तीन बेटियों को कुरआन हाफ़िज़ (मुखाग्र) है..!! यहां के बेटे भी कुरआन हाफिज हो ऐसी कामना की..!
सय्यदना साहब ने कहा कि यहां के बाशिंदे संख्या में कम है (नाहने) बसने वाले गांव के लिए फख्र की बात है कि तुम्हारी मोहब्बत और इखलास ज्यादा है..!!
कुरआन की हमेशा तिलावत करना हर घर मे एक सदस्य को पुरा कुरआन मुखाग्र हों ऐसी दुआएं है । खुदा तुम्हारी मोहब्बत मे और बरकत अता करे । मौला ने कहां कि ब्याज हराम है ,व्यसन से दूर रहना।
