डूब क्षेत्र के लोगों की समस्या का निराकरण करने के लिए लगाया शिविर, मेधा पाटकर ने उठाई ग्रामीणों की आवाज

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ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला

छकतला टप्पा तहसील में आने वाले नर्मदा डूब क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष शिविर लगाया है। यह पहल कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा की गई है। शिविर में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर भी पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।

शिविर में ज्यादातर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं, जिनमें मुख्य रूप से पट्टे और कब्ज़ा का मुद्दा शामिल था। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें पट्टे तो दे दिए गए हैं, लेकिन उन पर अभी तक कब्ज़ा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने गुजरात में भूखंड, मुआवजा और जंगल की जमीन का मुआवजा दिलवाने की मांग भी की। शिविर में पहुंची मेधा पाटकर ने अधिकारियों को बताया कि डूब क्षेत्र के गांवों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने कई गांवों का जिक्र किया, जहां की स्थिति खराब है। डूबखेड़ा गांव में रास्ता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बिजली और नेटवर्क की कोई सुविधा नहीं है। सिरखड़ी गांव में सिर्फ दो हैंडपंप हैं। ग्रामीण नदी से पानी लाते हैं और यहां बिजली, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी नहीं हैं। इसके अलावा, सकरजा गांव का स्वास्थ्य केंद्र 16 किलोमीटर दूर है और वहां कोई नर्स नहीं है। शिविर में अनुविभागीय अधिकारी वीरेंद्र बघेल और नायब तहसीलदार मामून खान भी मौजूद थे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें सूचीबद्ध किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। शिविर में बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण, पटवारी, पंचायत सचिव और स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

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