ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय संगोष्ठी आयोजित, संकल्प से समाधान का दिया संदेश
आलीराजपुर। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला अलीराजपुर द्वारा ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं ग्राम विकास पखवाड़ा का शुभारंभ 14 जनवरी 2026 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), अलीराजपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर नीतू माथुर के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। मंचासीन अतिथियों में श्री ओम शर्मा (राष्ट्रीय सह-संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय), श्री राजकुमार देवल (सेवानिवृत्त शिक्षक एवं प्रांत संयोजक – पर्यावरण, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास), श्री राकेश कुमार यादव (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र अलीराजपुर), सुश्री निर्मला कलमे (डिप्टी कलेक्टर), श्री कृष्णपाल सिंह यादव (विभाग संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद), श्री के.सी. सिसोदिया (व्याख्याता, डाइट), श्री दीपक जगताप (जिला समन्वयक), एडवोकेट श्री सुधीर जैन (सामाजिक कार्यकर्ता) सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
अतिथि परिचय एवं स्वागत के पश्चात जिला समन्वयक दीपक जगताप ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम विकास पखवाड़ा के अंतर्गत परिषद के नेटवर्क की सहभागिता से ग्राम चौपाल, ग्राम रैली, सामूहिक श्रमदान एवं पारिवारिक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, स्वदेशी भावना, नागरिक सेवा, शिक्षा एवं संस्कार, नशामुक्त समाज तथा गौ-संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान “संकल्प से समाधान” की दिशा में ग्राम स्तर से परिवर्तन लाने का प्रयास है।
पर्यावरण विषय पर बोलते हुए राजकुमार देवल ने कहा कि मानव शरीर पंचतत्व—पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल एवं आकाश—से निर्मित है और इनमें असंतुलन होने पर व्यक्ति बीमार हो जाता है। उन्होंने कहा कि इन पंचतत्वों का सीधा संबंध हरियाली से है। हमें न केवल पेड़-पौधों बल्कि घास के तिनकों के महत्व को भी समझना होगा और अपने आसपास की हरियाली को नष्ट नहीं करना चाहिए।
