आलीराजपुर में जनजातीय विभाग पर गंभीर लापरवाही व भ्रष्टाचार के आरोप

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आलीराजपुर। आदिवासी विकास परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर जनजातीय कार्य विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त संजय परवाल पर गंभीर अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पटेल ने पत्र में कहा है कि परवाल ने अपने मूल पद हाई स्कूल प्राचार्य के अतिरिक्त कई उच्च स्तर के पदों का अवैध रूप से प्रभार लेकर विभागीय कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा दिया है। उन्होंने मांग की है कि संजय परवाल को तत्काल पद से हटाकर निलंबित किया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

कई महत्वपूर्ण पदों का अवैध प्रभार

शिकायत पत्र में उल्लेख है कि संजय परवाल एक साथ कई पदों का प्रभार संभाल रहे हैं—प्रभारी सहायक आयुक्त, जिला उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य,,माध्यमिक शिक्षा मंडल समन्वयक, जिला खेल परिसर के आहरण-वितरण अधिकारी, आईटीडीपी परियोजना प्रशासक सहित कई जिम्मेदारियाँ उनके पास हैं। एक व्यक्ति के पास इतने संवेदनशील पद होने से निर्णयों की पारदर्शिता और वित्तीय नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

कन्या शिक्षा परिसरों की दयनीय स्थिति

जिले में संचालित कन्या शिक्षा परिसरों व छात्रावासों की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई है। कट्टीवाड़ा कन्या शिक्षा परिसर में भोजन में कीड़े व घुन पाए जाने और 53 छात्राओं के बीमार होने की पुष्टि हुई है।जोबट विधायक द्वारा निरीक्षण के दौरान भी सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं में गंभीर कमी देखी गई।

बालिकाओं की मृत्यु और आत्महत्या के मामले — विभाग पर बड़ा प्रश्नचिह्न

पत्र में कई गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया गया है—कक्षा 1 की छात्रा दीपमाला की बीमारी के बाद समय पर उपचार न मिलने से मृत्यु।कक्षा 9 के छात्र हेमराज ने छात्रावास में प्रताड़ना के कारण आत्महत्या की। कक्षा 2 की छात्रा कृतिका बघेल की छात्रावास में मृत्यु, घटना के6घंटे बाद तक विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचे।

इन घटनाओं ने आदिवासी समाज में विभाग के प्रति अविश्वास को गहरा किया है। हर माह लाखों की अवैध वसूली का आरोप महेश पटेल ने आरोप लगाया है कि छात्रावासों और आश्रमों की पदस्थापना, संचालन, एरियर एवं प्रभार संबंधी मामलों में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की जा रही है। जिले के लगभग से अधिक छात्रावासों से हर माह लाखों रुपये की अनियमित वसूली होने की आशंका जताई गई है।

निर्माण कार्यों में भी भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें एकलव्य विद्यालयों की घटिया सड़कें और वित्तीय गड़बड़ियों का उल्लेख शामिल है। मार्च–अप्रैल में छात्रावास खाली होने के बावजूद 100% छात्रवृत्ति वितरण और “50-50 बाँट” की शिकायत भी की गई है।

मुख्यमंत्री से जांच और निलंबन की मांग

महेश पटेल ने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई करते हुए संजय परवाल को पद से हटाकर निलंबित करने तथा सभी वित्तीय लेनदेन, निर्माण कार्यों और छात्रावास प्रबंधन की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

प्रतिलिपि वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई शिकायत पत्र की प्रतिलिपि कैबिनेट मंत्री विजय शाह, सचिव जनजातीय विभाग, आयुक्त, संभागायुक्त, कलेक्टर और उपायुक्त सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।

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