झाबुआ। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित झाबुआ पीली कोठी भवन मे 64 वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के प्रथम दिन ‘सहकारिता के माध्यम से सुशासन एवं व्यवसायीकरण’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैंक अध्यक्ष गौरसिंह वसुनिया, अध्यक्षता उपायुक्त सहकारिता जिला-झाबुआ/अलीराजपुर जीएल बडोले एवं वरिष्ठ महाप्रबंधक पीएन यादव व संजय श्रीवास, गणेश प्रजापत संचालक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत बैंक अध्यक्ष वसुनिया द्वारा सहकारिता ध्वज से ध्वाजारोहण कर की गई। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी द्वारा सामूहिक रूप से सहकारी गीत का गायन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौरसिंह वसुनिया ने कहा कि सहकारिता मूल रूप से भारत देश की बहुत ही प्राचीन पद्धति है। उस समय करेंसी का अभाव हुआ करता था, ऐसी स्थिति में वस्तुओं का आदान प्रदान किया जाता था। अनाज के बदले वस्तुओं का लेन-देन होता रहा है। सहकारिता का दूसरा शाब्दिक अर्थ है एक दूसरे का सहयोग करना। सहकारिता का धीरे-धीरे विस्तार होता गया और आज नाबार्ड, अपैक्स बैंक से ऋण उधार लिया जाकर बैंक के द्वारा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को ऋण-खाद-बीज आदि का वितरण किया जाकर लाभांवित किया जा रहा है । सहकारिता के माध्यम से जनता को जागरूक किये जाने की आवष्यकता है। वर्तमान में 3 कडक़नाथ सहकारी समितियों का गठन किया जाकर 3.80 लाख का ऋण वितरण भी किया गया है। कर्मचारी ईमानदारी एवं मेहनत से कार्य करे ताकि बैंक के लाभ मे निरन्तर प्रगति होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उपायुक्त सहकारिता बडोले द्वारा 14 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुशासन एवं व्यवसायीकरण के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। व्यवसायीकरण अन्तर्गत किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं को लाभ मिल सके। कार्यक्रम मे विशेष अतिथि के रूप मेउपस्थित वरिष्ठ महाप्रबंधक पीएन यादव द्वारा कहा कि सहकारिता का मतलब हम सब आपस मे मिलकर कार्य करे। सुशासन का सही अर्थ यह है कि निचले तबके के लोगो तक योजना का लाभ पहुंच सके। व्यवसायीकरण अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की वस्तुओ का व्यापार किया जाकर व्यवसाय में वृद्धि की जा सकती है । हम समस्त भी यह संकल्प ले कि हम बहुत अच्छे तरीके से कार्य करे ताकि ग्राहको को बैंक की समस्त सुविधाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। उक्त कार्यक्रम मे उप आयुक्त सहकारिता जिला झाबुआ के कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन महेश राठौड एवं आभार दुर्गेश पालीवाल प्रबंधक जिला संघ द्वारा माना गया।