अलीराजपुर। जिला जेल अलीराजपुर के सजायाप्ता बंदियो को फर्नीचर बनाने के कार्य में लगाया जाएगा। इस संबंध में जेल विभाग ने हाल ही मे जेल मे फर्नीचर कार्य कराने की स्वीकृति प्रदान की है। कैदियों द्वारा जेल में तैयार किये गये फर्नीचर आयटम को जेल विभाग द्वारा निर्धारित दरो पर बिना निविदा बुलाए क्रय किये जाने हेतु मप्र भण्डार क्रय तथा सेवा नियम 2015 में एक नवीन उपनियम जोड़कर यह प्रावधान किया है। जेल मे फर्नीचर उद्योग प्रारंभ कराने हेतु आज जेल अधीक्षक आरसी आर्य ने कलेक्टर शेखर वर्मा के समक्ष प्रस्ताव रखा था जिस पर उन्होंने स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को परिपत्र जारी कर जेल से फर्नीचर मरम्मत कराने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार नवीन फर्नीचर बनवाने के निर्देश भी दिये। इस दौरान सहायक आदिवासी आयुक्त जेएस डामोर द्वारा अपने कार्यालय के लिये सोफासेट एवं कार्यालय टेबल बनाने के लिए कार्यादेश भी दिया गया। जेल में फर्नीचर का कार्य प्रारम्भ होने से कैदियों को रोजगार के अवसर मिलेगें और जेल से रिहा होने के उपरांत अपना स्वयं का काम धंधा शुरू करने में सक्षम हो सकेंगे। कलेक्टर शेखर वर्मा द्वारा जेल अधीक्षक आर्य को यह भी सुझाव दिया कि जिले में खजूर के पेड़ बहुतायत है, जिनका उपयोग झाड़ू बनाने के लिए किया जाता है। जिला जेल में जो कैदी झाडू बनाने का कार्य जानता हो या कैदियों को झाड़ू बनाने के लिए प्रशिक्षित करके झाडू बनाने का कार्य भी कराया जाना चाहिए।
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