जिला चिकित्सालय में भारी मनमानी, आरोप : सोनोग्राफी के लिए डॉक्टर घर पर मरीजों को बोला कर भारी मोटी रकम वसूलते हैं

आलीराजपुर। शासकीय जिला अस्पताल अलीराजपुर कहने को तो जिला स्तरीय सिविल चिकित्सालय हैं।जिले में स्वास्थ्य की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सीएचओ की नियुक्ति शासन स्तर से की गई हैं।परन्तु अस्पताल की व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं हैं।जिले में  स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहा है।

जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि  उन्होंने 14 जून 2024  शुक्रवार को शासकीय चिकित्सालय अलीराजपुर में एक मित्र को पेट में दर्द होने से सुबह 11 से 12 बजे के बीच अस्पताल लेकर पहुँचे। पेट में अत्यधिक दर्द होने से सोनोग्राफी करवाने के लिए ओपीडी की रसीद कटवाने के लिए गए,वहां ऑपरेटर ने कहा की सोनोग्राफी करने वाले  डॉक्टर सुनहरे साहब  छुट्टी पर है। इधर मित्र को असहनीय दर्द हो रहा था तो उन्होंने डॉक्टर के चैम्बर में जाकर देखा वहां डॉक्टर नहीं था। ओर सोनोग्राफी के चैम्बर के दरवाजे पर भी एक कागज की स्लिप पर लिखा था की आज डॉक्टर साहब छुट्टी पर है। मैने सोचा डाक्टर साहब कहीं बाहर गए होंगे या तबियत ठीक नहीं होगी या कोई काम  होगा इसलिए आज नही आए होंगे।

इधर मित्र (मरीज) असहनीय दर्द से कराह रहा था।जिला चिकित्सालय के बाहर निकलने पर तलाश की गई की सोनोग्राफी अलीराजपुर में प्रायवेट भी कही होती होंगी,फिर हमें पता चला कि चांदपुर रोड पर MRF टायर शोरूम के पास सोनोग्राफी का एक सेंटर हैं। जब में मरीज को लेकर वहां पहुंचा तो देखा कि 10-12 महिलाएं नंबर लगा कर बैठी हुई थीं। कुछ समय बाद हमारा भी नंबर आया और हमने सोनोग्राफी करवाई तो पता चला कि मित्र को पथरी हैं,और डाक्टर सुनहरे सरकारी अस्पताल से छुट्टी मारकर  1100/- रुपए लेकर सोनोग्राफी कर हैं। सोनोग्राफी फीस की यह राशि ज्यादा लगने पर हम ने डॉक्टर साहब से कहा कि सर फीस ज्यादा है,तो डाक्टर साहब ने कहा कि मैने 50 लाख की मशीन लगवाई है। तो वसूल भी करने  पढ़ेंगे। हम ने पैसे दिए और बाहर निकलने पर पता चला हैं कि यह डाक्टर सुनहरे साहब जिला चिकित्सालय अलीराजपुर में ही शासकीय डॉक्टर के पद पर स्थाई रूप से पदस्थ हैं। मेरा मन बहुत दुःखी था। मुझे लगा कि अगर डाक्टर सुनहरे आज जिला चिकित्सालय में ही सोनोग्राफी करते तो मित्र के 1100/- रु नहीं लगते और जो सुबह से भूखी प्यासी लाईन लगाकर बैठी गांव की आदिवासी माताए,बहने एवँ महिलाओं के पैसे भी बच जाते।ये सरकार की जनकल्यायकारी योजना आयुष्मान भारत की हकीकत सामने आ गई है।

अपने स्वार्थ के लिए सरकारी अस्पताल से डॉक्टर छुट्टी लेकर निजी क्लीनिक चला कर ग्रामीणों से भारी भरकम मोटी रकम वसूल कर रहा है और सरकार से वेतन भी ले रहा है। कनेश ने कहा है कि उक्त डॉक्टर के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही करें,और व्यवस्थाओं को तुरन्त दुरस्त किया जावे अन्यथा उग्र आंदोलन किया जावेगा।