कड़कड़ाती धूप में भी धूमधाम से मनाई संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की 128वी जयंती

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पियुष चन्देल, अलीराजपुर
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14 अप्रैल संविधान निर्माता, भारत रत्न, ज्ञान का प्रतीक डॉ. भीमराव अंबेडकर की 128वी जयंती स्थानीय बस स्टैंड पर मनाई गई, जिसके तहत जिला स्तरीय आयोजन किया गया जिसमें जिलेभर के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए।  दोपहर लगभग 12.30 बजे कार्यक्रम की शुरूआत हुई जिसमे बाबा साहेब, जयपाल मुंडा, कांतिसूर्य बिरसा मुंडा, जननांयक टंटया मामा (भील) की फ़ोटो पर माल्यापर्ण कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुवात में स्वागत भाषण भंगूसिंह तोमर द्वारा दिया गया उसके बाद विधायक मुकेश पटेल ने अपना उद्धबोधन दिया। संगिता भवर द्वारा बाबा साहेब के द्वारा किये गए सँघर्ष को बताया। प्रीति ठकराला द्वारा नारी शक्ति को एकत्रित कर बाबा साहेब के विचारों का अनुसरण करने की अपील की। नितेश अलावा द्वारा बाबा साहेब की विपरीत परिस्थितियों में सँघर्ष को बताते हुए उनके आंदोलन को महात्मा ज्योतिराव फुले, तिलका मांझी, टंट्या मामा, बिरसा मुंडा की विचारधारा से प्रेरित बताया और संविधान को देश की आत्मा कहते हुए कहा के देश में जंतर मंतर पर संविधान की प्रतियां जलाने वाले देशद्रोहियों को फांसी देना चाहिए, समाज का प्रत्येक कार्यकर्त्ता 1000 के बराबर बताकर उपस्थित जनो का हौसला बढ़ाया और समाज मे नेतृत्व उत्पन्न करने की अपील की ताकि संविधान और देश बचा रहे। सबजन विकास समिति के इरसाद भाई द्वारा भी बाबा साहेब के सिद्धांतों से अवगत कराया। डॉ. नरेन्द्र भयडिया द्वारा कार्यक्रम में सहयोग करने ओर आगामी समय मे प्रत्येक ब्लॉक, तहसील स्तर पर समाज के लिए भवन निर्माण की जिम्मेदारी लेने की बात कही।
रतनसिंह रावत द्वारा समाज को एकत्रित करने की बात कही, जोबट से कुँवरसिंह भयडिया, राकेश खेड़े ने बताया की आरक्षण से नही संरक्षण से देश को बर्बाद किया जा रहा है। अंत मे आभार नवलसिंह कलेश द्वारा माना और फिर वाहन रैली, ढोल मांदल के माध्यम से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए स्थानीय अम्बेडकर नगर (तीखी इमली) में नाचते गाते पंहुचे जहां समाज के सभी वर्गों के लोगो ने एक साथ माल्यापर्ण किया ओर जमकर जय भीम के नारे बाजी की।
इस दौरान जिले के सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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