आधार कार्ड में सुधार के लिए भटक रहे लोगों हो रही फजीहत

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मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ
आम्बुआ तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों में सभी लोग परेशान हैं जो कृषक है विद्यार्थी तथा पालक सभी परेशान हैं इस परेशानी का प्रमुख कारण आधार कार्ड में त्रुटियों को ठीक कराने एवं नया आधार कार्ड बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है शासन प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है आखिर वह जाए तो कहां? जब से शासन ने आधार कार्ड अनिवार्य किया है तथा इसके अभाव में जब किसी के अनेक शासकीय कार्य रुकते हैं तब उन्हें इसकी सही कीमत बताती है कई लोगों ने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाए हैं या फिर उन्होंने वर्ष 2013 में आधार कार्ड सेंटरों पर भीड़ के बीच जाकर आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूर्ण तो कराई। मगर सेंटरों पर कार्य करने वाले जिन्हें इसका पूर्ण ज्ञान नहीं था कम पढ़े लिखो ने ऐसी जानकारी अपलोड की गई लोगों का आधार कार्ड बन ही नहीं सके वे लोग रसीद लेकर भटक रहे हैं।

त्रुटियां सुधार के लिए कहां जाए?-
जब उनका कार्य रुक जाता है तब उन्हें ठीक कराने हेतु आधार केंद्रों का चक्कर लगा लगा कर परेशान हो रहे पूर्व संचालित ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य ऑनलाइन कियोस्क सेंटर बंद हो जाने के कारण परेशानी अधिक बढ़ गई है अभी हाल ही में जय किसान ऋण माफी योजना में आधार कार्ड अनिवार्य होने के कारण जिसके पास कार्ड नहीं है वे बनवाने के लिए परेशान है तथा जिसमें त्रुटिया है वे सुधारने हेतु शहरी क्षेत्रों में आधार कार्ड सेंटरों पर चक्कर लगा रहे हैं। यदि उनके कार्ड नहीं सुधरे तो हो सकता है कि अन्य किसानों को ऋण माफी का लाभ न मिले स्कूलों में भी बच्चे परेशान है कुछ शिक्षकों को आधार कार्ड सुधारने के हेतु प्रशिक्षण तो दिया गया है उन्हें अभी तक तकनीकी उपकरण नहीं दिए गए जिस कारण प्रशिक्षण होने के बावजूद भी अपना कार्य प्रारंभ नहीं कर पा रहे हैं ग्रामीणों की मांग है कि शासन अविलंब आधार कार्ड हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में सेंटर आरंभ कराए आगे परेशानी दूर हो सके।

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