फिरोज खान, ब्यूरो चीफ अलीराजपुर

जिले को विकास के पथ पर ले जाने के लिए हमने ईमानदारी से प्रयास जरुर किया। अब उसका नतीजा कितना निकला है या भविष्य में उसका क्या परिणाम होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। मेरा यह मानना है किसी भी अधिकारी को काम करना रहता है उसका सही आकलन इंडीजुवल ओरिएंटेड एचीवमेंट नहीं होना चाहिए। उसके जाने के बाद वो काम कितना स्थाई होता हैं, उनके द्वारा शुरु किए प्रयास, वो काम कितने टिकाउ बन पाते है। वही उनकी क्षमता व कार्यशैली का असली इंडीकेटर हैं।
यह बात कलेक्टर गणेश शकर मिश्रा ने सहयोग गार्डन में सहयोग संस्था और पत्रकार संघ की ओर से आयोजित विदाई समारोह में कही। कलेक्टर मिश्रा का तबादला आलीराजपुर से सिहोर कलेक्टर के रुप में होने पर यह समारोह आयोजित किया गया था।
कलेक्टर मिश्रा ने आगे कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि हमने पिछले दो सालों में हमने जो प्रयास या काम चालू किए है वो बहुत ही प्राथमिक स्टेज में हैं किंतु मुझे लगता है कि यहां पर जिस पर प्रकार लोगों का जागरुकता में वृद्धि हुई हैं। सहयोग मुझे मिला है और जो इस तरह का माहौल बना रहा तो इस जिले केा विकास की दिशा में एक लंबी छलांग लगाने में मदद करेंगे। बहरहाल मेरा अभी भी यही मानना है कि आलीराजपुर जिला पिछड़ा जिला नहीं हैं ऐसी एक छवि बना दी गई हैं बाहरी लोगों के मन में और कुछ हद तक हमारे लोग भी अब सुन सुन कर खुद को बैकवर्ड व पिछड़ा महसूस करते हैं। मेरा आप सभी से यह आग्रह है कि इस मैंटल बैगेज को यदि हमने हमारे दिमाग से हटा दिया तो हमारे बच्चों में हमारे लोगों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, जुझारुपन की कोई कमी नहीं हैं। मेहनत करने में कोई पीछे नहीं हटता है। जितना बड़े बड़े शहरों में योग्य है उससे ज्यादा योग्य हमारे यहां के निवासी हैं। आवष्यकता है बस एक सही मार्गदर्शन की और एक सहयोग की यदि वह अवसर उन्हें मिलते रहे तो हमारे यहां के बच्चें भी उतने ही सफल हो सकते है और ये जिला अपने आप ही स्वत विकासशील बन जाएगा। आर्थिक रुप से देखा जाए तो यहां बहुत सारी संभावनाएं हैं। जिले में उतनी गरीबी नहीं कि जितना कहा जाता हैं। गरीबी किसी को देखना है तो आप झारखंड में जाईएगा उड़ीसा में जाईएगा। यहां पर लोग कमाते तो है लेकिन यहां के लोगों के जो व्यसन या बुराईयां है इससे वे बचत नहीं कर पाते है। कुछ लोग झगड़ों या पारिवारिक समस्याओं के कारण कर्जे के कुचक्र में फंस जाते है। इस कारण से उनकी आर्थिक स्थिती कमजोर होती है। मुझे लगता है इस दिषा में आने वाले समय में धीरे धीरे इस दिषा में लोग जागरुक होंगे और बहुत ही जल्दी यहां भी उतनी ही संपंनता होगी जितनी अन्य जिलों में हैं।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि मैं मीडिया के सभी साथियों का और सहयोग संस्था का आभारी हूं कि आपने पिछले दो सालों में हमें हर एक कदम पर बहुत ही सकारात्मक सहयोग किया। जब भी आपकी मदद की जरूरत पड़ी आपने हमारे हर एक प्रयास को बहुत ही पाजिटिवली मीडिया में कवर किया। हमारे सामुदायिक प्रयास को आम जन मानस में माहौल बनाने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया।
सहयोग संस्था के लिए  विशेष रुप से धन्यवाद । आलीराजपुर जिले के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है किसी भी जिले में इतनी एक्टिव संस्था का होना। ऐसी तीन चार संस्थाएं और भी जिले में हो जाए और कम्यूनिटी मोबोलाईज हो जाए तो यह जिला अपने आप ही विकसित दिखने लगेगा।

आपने कहा कि पत्रकारों से मेरा सिर्फ यही कहना है, पहले भी निवेदन यही रहा है और अभी भी यही कि आप लोग रिर्पोटिंग और किजीए, थोड़ा डेप्थ में जाईए और हमारी जमीनी स्तर पर जो कमियां है उन्हें उजागर किजीए। जो हमारे सिस्टम में लूप होल्स है उन्हें बताईए । क्योंकि शासकीय तंत्र में फीडबैक बहुत कमजोर होता है अच्छा ही अच्छी फीड बैक आता है। हम लोग जो प्रयास कर रहे है और लोगों को लाभ मिल रहा या नहीं मिल रहा है। ये फीड बैक शासकीय तंत्र को सही नहीं मिल पाता है। तो यहां पर हमें मीडिया के साथियों की जरूरी रहती है।

सहयोग संस्था , पत्रकार संघ के ये थे विशेष रूप से उपस्थित

इसके पूर्व कलेक्टर मिश्रा को पत्रकारों व सहयोग संस्था के सदस्यों ने बारी बारी से सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। आयोजन में सहयोग संस्था के संरक्षक कृष्णकांत गुप्ता, अध्यक्ष दीपक दीक्षित, सहयोग महिला मंडल अध्यक्ष पुष्पलता शाह, जानकी वल्लभ कोठारी, कैलाश कमेड़िया, राजेंद्र कोठारी, राजीव शाह, महेश शुक्ला, विक्रांत राठौड़ पिंकेश राठौड़, सुनिल कापड़िया, महिला मंडल की राजमणि गुप्ता, निर्मला कोठारी, प्रतिभा माहेष्वरी उपस्थित थी। साथ ही पत्रकार संघ के हितेंद्र शर्मा, सुरेंद्र वर्मा, आशीष अगाल, विक्रमसेन, गफ्फार खांन, राकेश चोहान, रफीक कुरैशी, वसीम मकरानी, यतेंद्रसोलंकी, आशीष वाघेला, गिरिराज मोदी, मनीष अरोड़ा, फिरोज (बबलू) बरझर, इरशाद खान , सोहेल कुरैशी, इरफान, पीआरओ मनीष गुप्ता, अभिषेक सोलंकी आदि उपस्थित थे। जयस संगठन के भूरु भाई व अन्य सदस्यों ने भी कलेक्टर मिश्रा का स्वागत किया। आभार आशुतोष दुबे ने माना।

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