रक्षित मोदी, छकतला अखिल भारतीय मां नर्मदा भक्त मंडल की प्रकृति स्वरक्ष यात्रा छकतला पहुंची। जल, जंगल, जमीन, जानवर और जन यह सब प्रकृति के अंग है, प्रकृति हमारी मां है और हम इसके पुत्र हमे इसकी रक्षा करना होगी नहीं तो सन्तुलन बिगड़ेगा। उक्त विचार दिव्यांग उपेन्द्र बाबा ने ग्रामीणों के बीच रखे एवं मां नर्मदा व प्रकृति स्वरक्षण का संकल्प आचार्य रजनीश द्विवेदी ने कराया। बाबा की यह नववि परिक्रमा है। परिक्रमा के दौरान आपने बताया कि स्कूल, कालेज, ग्रामीणों तथा संतो की गोष्ठियां करते है और नर्मदा व प्रकृति के स्वरक्षण का संकल्प भी करते है। 3200 किमी की यात्रा में बाबा प्रतिदिन 150 से 160 किलोमीटर की दूरी मोटरसायकल से तय करते है। आज छकतला पहुंचने पर यात्रा का स्वागत कन्हया असोरिया, गोवर्धन, मनोज,रक्षित मोदी, नरिंगजी मोरी, नंन्दुजी मंडलोई, प्रवीण चौहान आदि ने किया। Post navigation पटेल पब्लिक स्कूल में आयोजित किया क्रिसमस सेलिब्रेशन, साँता क्लाज ने बाँटे उपहार आका मौला की दुआ करने 45 किमी पैदल चलकर पहुंचे बोहरा समाज के युवा