झाबुआ लाइव के लिए रायपुरिया पन्नालाल पाटीदार की रिपोर्ट- बनी सहकारी दुग्ध संस्था पर संचालन मंडल द्वारा ताला लगाया गया था जो कि झाबुआ प्रबंधक विरम साहब के आने के बाद रिकार्डो की जांच पड़ताल के बाद खोला गया और सचिव को भ्रष्टाचार में दोषी पाया गया जो भी राशि सचिव ने पशु आहार में तथा घी में दुग्ध पालक से ज्यादा वसूले हैं उस राशि को भावंतर के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को 7 दिनों में लौटाने के आदेश जारी किए हैं। इनका क्या कहना- झाबुआ प्रबंधक विराम साहब- मैं जब गया तब सभी संचालक मंडल को बुलाया गया और रिकॉर्ड जांचे गए जिसमें सचिव ने भ्रष्टाचार कर रखा था उसको लिखित में राशि वापस दुग्ध पालक को लौटाने को कहा गय। सचिव ने कहा मेरे से जाने अनजाने में गलती हो गई मेरे पास लिखित में आदेश नहीं आया था इसकी वजह से मैंने अधिक राशि काटी जो मैं किसानों को वापिस देने का हकदार हूं। Post navigation ‘अभिव्यक्ति मंच’ बच्चों ने दी उम्दा प्रस्तुतियां, शहरवासियों ने सराहा चलो पंचायत यात्रा में ग्रामीणों को दी प्रदेश व केन्द्र की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी