झाबुआ लाइव के लिए मदरानी से हितेन्द्र पंचाल की रिपोर्ट-
काकनवानी के समीप ग्राम अलीपुरा में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से आए हुए योगाचार्य आचार्य विश्वामित्रार्यजी गांव गांव में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का ज्ञान आदिवासी भाइयों को माताओं को दी जा रही है खासकर ग्रामीण अंचलों में होने वाले जो रोग है दाद ,खाज, खुजली, एक्जिमा, घुटना व कमर दर्द, आधा सिर का दर्द, डायबिटीज, पथरी एवं अनेक रोगों के बारे में आचार्यजी द्वारा ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है। आचार्यजी बता रहे हैं कि अंचल में मिलने वाली जो जड़ी बूटियां है उस के माध्यम से इलाज हो सकता है और अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं क्योंकि ग्रामीण अंचलों में धन का अभाव होने के कारण कई ऐसे लोग हैं जो मिटते नहीं और दिन दिन प्रतिदिन बढ़ती जाती है जिससे अधिकतर आदिवासी भाई इलाज करवाने में असमर्थ हो जाते हैं अत: आचार्य जी ने बताया कि आयुर्वेदिक जड़ी बूटी से रोग धीरे.धीरे नष्ट हो जाते हैं और स्वस्थ होने लगता है अत: हम सब को हमारे गांव के आसपास मिलने वाले जड़ी बूटियां हमें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाती है उसे सेवन कर हम काफी लोगों को दूर कर सकते हैं आचार्य जी ने बताया कि जैसे कि आंख का पत्ता हमारे घुटना दर्द कमर दर्द एवं सिर के दर्द में बहुत ही उपयोगी है ऐसे ऐसे अनेक ऐसे पत्ते हैं जिससे हम अनभिज्ञ रहते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं जिसे हम खाकर उचित मात्रा में सेवन कर रोगों को दूर कर सकते हैं यह शिविर पंच दिवसीय ग्राम अलीपुरा में किया गया है जिसके तारतम्यता में गांव के अलग-अलग मोहल्ले में अलग.अलग फलियां में आरोग्य सभा के माध्यम से लोगों को घरेलू उपचार से रोगों का निदान बता रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *