बृजेश खंडेलवाल की रिपोर्ट-
शा उ मा वि आम्बुआ के छात्र-छात्राओं के द्वारा चांद तारे नक्षत्र राशि आकाशगंगा से तारामंडल से रूबरू हुए। उन्होंने यह जानकारी पर्यावरण को कैसे बचाए खेल खेल में विज्ञान के जादू खुद करके सीखा कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा व सहायक आयुक्त सतीश सिंह द्वारा तय किए गए रूट के अनुरूप जल विद्युत संरक्षण पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण नियोजन समन्वय संगठन भोपाल के सहयोग से चिल्ड्रन साइंस सेंटर इंदौर की संतुलित पर्यावरण जैव विविधता संरक्षण प्रदर्शनी शासकीय उमावि आम्बुआ में पहुंची इस दौरान चलित जैव विविधता प्रदर्शनी के साथ में आए हुए विज्ञान संचारक रेखा सिह राकेश कनोजे सुनील सिह द्वारा छात्रध्छात्राओं को माइक्रो एंपियर फामटच पुली मॉडल मंगलयान मॉडल सिक्कों का संग्रह जैव विविधता मॉडल, बिल्ली परिवार, कुत्ता परिवार, हिरण परिवार, विभिन्न पक्षी-सांपों का परिवार, हवा में तैरता ग्लोबल , लेविटेशन टॉप यूटन के तीसरे नियम के साथ 30 से जैव विविधता विज्ञान के वर्किंग नानवर्किंग मॉडल के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी। चलित विज्ञान प्रदर्शनी के संबंध मे जानकारी देते हुए राज्य समन्वयक राजेंद्र सिंह व सुनील सिंह ने बताया कि विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से हमारा प्रयास है कि स्कूल स्कूली छात्रों ध्छात्रों के रोचक ज्ञानवर्धक वैज्ञानिक सोच बदलने जानकारी प्रदान करना है तथा इस स्कूल के छात्र छात्राओं को प्रदर्शनी देखने और सीखने का अवसर मिला जो अच्छे बाल वैज्ञानिक बन सकते हैं वह जिलों का नाम रोशन कर सकते हैं छात्रों ने किया सहयोग प्रदर्शन में दी गई जानकारी को छात्र-छात्राओं ने सही तरीके से खुद समझ के इसके लिए विज्ञान संचालकों ने छात्राओं ध्छात्र 10 ग्रुप बनाए गए थे इन बालको बालिकाओ में कुसुम रामसिंह भिण्डे,दिलीप झौरा, गोविन्द राठौड, चिराग सोलंकी, गजेन्द डुडवे और अतिथि शिक्षिका नीतिका भंवर, ऋतिका गोयल व्दारा से कार्ड छात्राओं ने विज्ञान जैव विविधता व पर्यावरण विज्ञान के मॉडल की जानकारी दी। अपनी जिज्ञासा का समाधान विज्ञान संचारक को से सवाल जवाब कर दिया इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अशोक कुमार बुधवंत विए खंड शिक्षा अधिकारी संजय गांधी बीआरसी वाणी संस्था के समस्त स्टाफ द्वारा संपूर्ण प्रदर्शनी का प्रयोग किया गया। कक्षावार बारी-बारी से छात्र-छात्राओं को तारामंडल दिखाया गया जिससे बच्चों में काफी उत्साह वर्धन हुआ एवं जिन छात्रों ने कभी इस प्रकार की प्रदर्शनी का प्रदर्शन नहीं देखा था जो आज वास्तविकता रूप में शाला परिसर में दिखाया गया। इस कार्यक्रम के महत्वपूर्ण सहयोगी के रुप में आनंद वर्मा, महेश वरिया, गोपाल गोयल ने अपनी अहम भूमिका निभाई जिसमें शिक्षिका विज्ञान की अनीता वरिया द्वारा छात्र छात्राओं को अभूतपूर्व जानकारी से परिचित करवाया एंव समस्त स्टाफ व्दारा भरपुर सहयोगकर संस्था मे कार्य क्षमता का प्रदर्शन किया।

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