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मेघनगर। अद्भूत संयोजन, अकल्पनीय स्नेह, अविश्वसनीय अनुशासन और आने वाले हर अतिथि का आदर्श रूप में सम्मान यह दृश्य इन दिनों मध्यप्रदेश की पावन धरा वनेश्वर मारुती नंदन हनुमान मंदिर फुटतालाब में चल रहे धार्मिक लोकतंत्र नवरात्री महोत्सव फुटतालाब में प्रतिदिन अवतरित हो रहे है। राष्ट्रीय स्तर के लोक गायक प्रवीण चौबे जिन्होंने आदिवासी संस्कृति के वीर सैनानी टांटिया भील एवं भीमा नायक पर संघर्ष गाथाओं को लिखा हैं ने अपने विश्वप्रसिद्ध गीत ऐ झामरू की प्रस्तुति दी। हजारों लोग जैन के विनम्र आमंत्रण पर प्रवीण चैबे को सुनने पहुंचे थे। जैसे ही प्रदेश के बड़े मंच फुटतालाब से चौबे ने अपनी प्रस्तुति प्रारंभ की, हजारों कदमों की थिरकन ने उनका साथ दिया और मां की स्तुति में देर तक गरबा खेला। प्रवीण चौबे के साथ जैन और परिवार के सदस्यों और मुख्य अतिथियों ने भी गरबा खेलकर जिले की संस्कृति अनुरूप नृत्य किया। गायक के दौरान चौबे ने पप्पू भैया के प्रश्न झामरू का अर्थ क्या हैं पर बताया की कोई बहुत छोटे कद का घुंगराले बालों वालों हसमुख व्यक्ति कों मेरे इस लोकप्रिय गीत में झामरू नाम दिया गया है। देर रात यहां की जा रही सर्वश्रेष्ठ नृत्यनाटिकाओं के माध्यम से मां की अराधना कर कोई श्रीकृष्ण बन रहा हैं तो कोई खुद मां के भक्तिमय अवतार में देवो के देव महादेव के साथ पंडाल में भक्ति से ओतप्रोत दिखाई दे रहा हैं।