हाथ में जलता हुआ खप्पर और सिर पर सात कलश रख कर भवई नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार.
– कार्यक्रम में उपस्थित समाजजन.

झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
माडी तू तो पावगढ़ नी पटरानी,जा जो ऊंचा जोग माया जैसे सुमधुर गरबों के साथ राजगौर ब्राम्हण समाज पेटलावद द्वारा शनिवार को पारंपरिक भवई नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन में वर्षों पूर्व से पुरानी परंपरा के अनुसार चली आ रही मान्यता के आधार पर गुजरात से आए हुए। रावल समाज के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विभिन्न भजनों और छंदों के माध्यम से प्रस्तुति दी गई। वहीं सिर पर सात कलश रख कर और हाथों में जलता हुआ खप्पर ले कर गरबा नृत्य किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात से आए हुए कलाकारों द्वारा आधुनिक साज बाज के स्थान पर पारंपरिक ढोल, मृदंग, झांझर, हारमोनियम का उपयोग करते हुए रात्रि 4 बजे तक सुमधुर संगीत के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में पेटलावद, रायपुरिया, कल्याणपुरा, झाबुआ, राजोद,गोंदीखेड़ा, लाबरिया, बदनावर, दोतरिया सहित खंडवा, बुरहानपुर और दाहोद गुजरात के समाजजन उपस्थित थे।

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