झाबुआ लाइव के लिए रायपुरिया से लवेश स्वर्णकार की रिपोर्ट-
पेटलावद तहसील ग्राम पंचायत पीठड़ी के ग्राम अम्बापाड़ा में जल संसाधन विभाग के तालाब के निर्माण के जद में आ रही जमीनों में मुआवजे दिलाने को लेकर फर्जीवाड़ा हुआ है। इस फर्जीवाड़े को पेटलावद पोस्ट ऑफिस घोटाले से भी बड़ा कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बताया जा रहा है कि तालाब बनाने के लिए तालाब की जद में आने वाली भूमि के कृषकों को मुआवजा देना था तालाब की डूब में आ रहे किसानों को तो अब तक मुआवजा नहीं मिला लेकिन जिनकी जमीन तालाब के डूब में नहीं आ रही है, उन्हें भी फर्जीवाड़ा कर डूब में बताकर मुआवजा दिलवा दिया गया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि कुछ असिंचित जमीनों के कृषकों को भी सिंचित बताया गया और उन्हें मुआवजा दिलवा दिया गया है मामले की पड़ताल की गई तो किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि खसरा नंबर 1174, 1172, 1171/1, 1089 1171, 1168, 1109, 1127, 1081 की जमीन डूब में नहीं आ रही है लेकिन फिर भी इन्हें मुआवजा दिलवाया गया इनमे असिंचित जमीन भी है जिन्हें सिंचित बता दिया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि एक दूसरे हल्के के एक पटवारी ने हल्का 36 के पटवारी से साठगांठ कर राजस्व विभाग के आला अधिकारियों की शह पर दूसरे हल्के के पटवारी के रिश्तेदारों को गलत तरीके से लाभ दिलवाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया है। हल्का नंबर 36 में खसरा नंबर 1057, 1099 और भी अन्य खसरा नंबर है, जिनके कृषकों को अब तक मुआवजा नहीं दिलवाया गया है। अब पीडि़त किसानों की मांग है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और जिन कृषकों को गलत तरीके से मुआवजा दिलवाया गया है उनसे राशि की रिकवरी की जाए।
मुझे जानकारी मिली है-
अम्बापाड़ा में तालाब की जमीन के मुआवजे में गड़बड़ी की जानकारी मिली है में पुन: जांच कर मामले को दिखवाता हूं इसमें कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
                 – सीएस सोलंकी, एसडीएम
फिर से एसटीएल लाइन लगा रहे है-
मुआवजे का मामला राजस्व विभाग का है हमने तो पूरा नोटिफिक्शन किया है हमें शिकायत मिली थी जिस पर हम फिर से एसटीएल लाइन लगा रहे है।
          – देवेंद्र डावर, एसडीओ जल संसाधन पेटलावद
जांच करवाते है-
अम्बापाड़ा के तालाब के मामले को लेकर में संबंधित अधिकारियों से चर्चा करुंगी और जांच करवाएंगे।
               – निर्मला भूरिया, विधायक पेटलावद

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