1झाबुआ लाइव डेस्क
संसद सदस्य एवं पूïर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया शुक्रवार को को संसद भवन में रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु से मुलाकात कर उनके संसदीय क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण रेल लाइनों को बनाने में रेल मंत्रालय की लेटलतीफी का मुद्दा उठाते हुए रेल मंत्री से शीघ्र ही इंदौर-दाहोद, धार-छोटाउदयपुर एवं रतलाम डूंगरपुर रेल लाइनों को शीघ्र पूर्ण करने का आह्वान किया। सांसद भूरिया ने कहा कि इंदौर-दाहोद एवं धार-छोटाउदयपुर रेल लाइनों का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहनसिंह एवं तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में किया गया था एवं घोषणा की थी कि इन्हें प्राथमिकता के आधार जल्द ही शुरू किया जाएगा। इन रेल लाइनों का निर्माण कार्य इंदौर-धार-सरदारपुर-झाबुआ-पिटोल के हिस्से में नहींके बराबर होने पर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि इन रेल मार्र्गों का तीव्र गति से बनाने का रेल मंत्रालय द्वारा प्रश्नचिह्नï ही लगा दिया है।
सांसद भूरिया द्वारा रेल मंत्री से मुलाकात का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि इंदौर-दाहोद रेल लाइन के मध्यमप्रदेश स्थित रेल मार्ग निर्माण हेतु 80 करोड़ रुपए की धनराशि रेल मंत्रालय द्वारा धार-झाबुआ एवं अलीराजपुर के कलेक्टरों को उपलब्ध करवा दी गई है जिससे की निर्माण कार्य को गति दी जा सके एवं निर्माण कार्य को समयबद्ध चरणों में पूरा किया जा सके। रतलाम-बांसवाड़ा, डूंगरपुर रेल मार्ग के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है कि रेल मार्ग के राजस्थान प्रदेश के हिस्से में राजस्थान सरकार द्वारा पहले रेल मंत्रालय को यह आश्वासन दिया था कि भूमि रेल मंत्रालय को नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी, तथा निर्माण कार्य पर जो व्यय होगा उसका 50-50 फीसदी व्यय राज्य सरकार एïं रेल मंत्रालय दोनों उठाएंगे किंतु राजस्थान सरकार द्वारा अपने कथन से फिर जाने के कारण भूमि नि:शुल्क उपलब्ध नहींहो पा रही है जिससे की रेल मार्ग को बनाने में बाधा खड़ी हो गई है और यही विलंब का प्रमुख कारण भी है।
सांसद कांतिलाल भूरिया द्वारा रेल मंत्री सुरेश प्रभु को बताया कि इंदौर-दाहोद लंबाई 200.97 किमी है और लागत 1640.04 करोड़ रुपए एवं धार-छोटाउदयपुर रेल मार्ग की लंबाई 157 किमी होकर इसकी लागत 1347.26 करोड़ रुपए है। इन रेल मार्गो पर अभी तक क्रमश: मात्र 195.94 करोड़ एवं 159.99 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जा चुकी है, यदि यही हाल रहा तो आप ही बताए रेल मार्ग की क्या प्रगति होगी? इसके बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कहा गया कि रेल मार्र्गों के मध्यप्रदेश स्थित हिस्सों में तेजी से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा और इस कार्य में आ रही बाधाओं का समाधान भी शीघ्र किया जाएगा।

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