रात्रि में की समीक्षा, सुबह होते ही बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम डॉ. यादव, बांटी राहत सामग्री

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दिनेश वर्मा, झाबुआ

भोपाल/रीवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए गत रात्रि को नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां आते ही उन्होंने वीसी के माध्यम वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति को लेकर आपात बैठक की। और 30 अगस्त को सुबह होते ही चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सीएम डॉ यादव चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचे। उन्होंने यहां बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद किया और हर संभव सहायता देने की बात कही। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री भी वितरित की।

दरअसल, चित्रकूट में अतिवृष्टि हुई है। इसकी वजह से सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बाढ़ की स्थिति है। नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। उनके सामान को भी काफी क्षति हुई है। हालांकि, इस परिस्थिति में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके सामान को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

*लोगों तक पहुंचाई जा रही आवश्यक सहायता*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे।

*होगा सर्वे, मिलेगी आर्थिक मदद*
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं बीती रात रीवा में रुका था। राहत की बात है कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। हमारी सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। आज मैंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावितों तक सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

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