थांदला। स्वाधीनता संग्राम सेनानी, पूर्व सांसद एवं प्रखर पत्रकार स्व. कन्हैयालाल की जयंती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली थांदला में व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गांधीवादी चिंतक, लेखक, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लोकतंत्र सेनानी अनिल त्रिवेदी (इंदौर) थे। उन्होंने व्याख्यान माला के विषय “तन–मन–धन और जगत में जीवन” पर विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रुप से नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणवा एवं पूर्व विधायक कलसिंह भामर ने की। विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ओम भट्ट थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नगीन शाहजी एवं बाल न्यायालय के पूर्व सदस्य अशोक अरोड़ा ने भी मंच साझा किया।
इस अवसर पर वक्ता त्रिवेदी ने विषय को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में तन, मन और धन का महत्व है, लेकिन धन प्राप्ति के बाद तन और मन बीमार हो जाते हैं। अधिक धन आने पर नींद गायब हो जाती है। धन से मन छोटा होता है और व्यक्ति संकुचित रास्ता भी अपना लेता है, जबकि मनुष्य का असली धन तो उसका तन और मन ही है।
उन्होंने कहा कि जिसने भी तन और मन के स्थान पर केवल धन का रास्ता पकड़ा, वह विनाश की बेला की ओर बढ़ता है। अपनी बातों के समर्थन में उन्होंने स्व. वैद्य की पत्रकारिता एवं चिंतक मामा बालेश्वर दयाल के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया।
विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ओम भट्ट ने स्व. वैद्य को स्वतंत्रता आंदोलन का अजय योद्धा बताते हुए कहा उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समूचे देश में आजादी का अलख जगाया।
पूर्व विधायक भाबर ने मामा बालेश्वर दयाल के साथ बिताए पलों के संस्मरणो को साझा करते हुए कहा कि स्व. वैद्य की पत्रकारिता से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री पणवा ने कहा कि स्व. वैद्य ने पत्रकारिता और स्वतंत्रता आंदोलन के माध्यम से थांदला का नाम रोशन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नगीन शाह एवं श्री अशोक अरोड़ा ने स्व. वैद्य से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए। वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोषी (पीयूष महिदपुर) ने भी अपने विचार रखे।
