अर्पित चोपड़ा खवासा
अखिल भारतीय दयानंद सेवा आश्रम संघ, दिल्ली द्वारा संचालित महाशय धर्मपाल MDH विद्या निकेतन, भामल में रजत जयंती महोत्सव, पंचकुंडीय महायज्ञ एवं वार्षिक महोत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंचकुंडीय महायज्ञ से हुआ जिसमें आचार्य विश्वामित्र जी, दिलीप शास्त्री, आचार्य धर्मवीर शास्त्री, लव कुमार शास्त्री, अनिल शास्त्री एवं तूफान धर्माचार्य के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 20 यजमानों द्वारा हवन संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर आचार्य विश्वामित्रजी ने रामायण एवं महाभारत के प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अभिभावकों को संदेश दिया कि यदि वे अपने बच्चों को राम और कृष्ण के आदर्शों पर देखना चाहते हैं तो स्वयं को दशरथ और वासुदेव जैसे आदर्श माता-पिता बनना होगा।
दिलीप शास्त्री जी ने पंच महायज्ञ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी अभिभावकों को प्रत्येक माह अपने घरों में यज्ञ करने के लिए प्रेरित किया। भजन उपदेशक तूफान धर्माचार्य द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय दयानंद सेवा आश्रम संघ, दिल्ली के महामंत्री जोगेंद्र खट्टर, दयानंद सेवा आश्रम, थांदला के अध्यक्ष विश्वास सोनी, सहकारिता बैंक बामनिया के मैनेजर गुलाबसिंह निनामा, ग्राम पंचायत भामल की सरपंच ममता बहादुर चरपोटा, भामल संकुल प्रभारी मकनसिंह निनामा, संजय चौधरी (दिल्ली) एवं गंगा बाई चावड़ा (मोहकमपुरा) गरिमामय रूप से उपस्थित रहे।
संस्था के प्राचार्य संजय पाढी ने स्वागत भाषण में कहा कि विद्यालय विगत 25 वर्षों से संस्कार, अनुशासन एवं गुणवत्ता आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है और यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
