झाबुआ डेस्क। शारदा विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का समापन एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा जिला संयोजक खेल प्रकोष्ठ एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेष सिंगार रहे ।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि शैलेष सिंगार संस्था संचालक ओम शर्मा किरण शर्मा , संस्था प्राचार्य डॉक्टर कंचन चौहान उप प्राचार्य देवेंद्र व्यास द्वारा दीप प्रज्वलन कर दीप मंत्र के साथ किया।अतिथि परिचय अंकित बैरागी ने कराया विद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर कंचन चौहान ने वार्षिक खेल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष की खेल प्रतियोगिता में दौड़ (100 मीटर,200 मीटर ) रिले रेस, कबड्डी खो खो ,डोज बॉल ,नींबू रेस ,चेयर रेस ,थ्री लेग रेस, गोला फेक ,बास्केट बॉल ,एकता में बल ,पेन बैलेंसिंग जैसी स्पर्धाओं में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एकता में बल जैसी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। छात्रों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ प्रतिस्पर्धा में भाग लिया जिसमें प्रतिस्पर्धियों के बीच कड़ी स्पर्धा देखने को मिली ।
इसके पश्चात छात्र/छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि शैलेष सिंगार संस्था संचालिका किरण शर्मा शाला प्राचार्य डॉक्टर कंचन चौहान उप प्राचार्य देवेंद्र व्यास द्वारा विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को( प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान) को मेडल,प्रमाण पत्र प्रदान किए।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र /छात्राओं को विशेष पुरस्कारों से नवाजा गया।मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायक भाषण में कहा कि खेल सिर्फ जितने के लिए नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी जरूरी है छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।विद्यालय के पूर्व छात्र रहे शैलेष सिंगार ने उनके छात्र जीवन की विभिन्न विद्यालयीन गतिविधियों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
संस्था संचालक ओम शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि दृढ़संकल्पित होकर किए कार्य में सफलता निश्चित है उन्होंने अरुणिमा सिन्हा के ज़ीवंत प्रसंग को बताते हुए कहा कि ट्रेन हादसे में एक पैर खो जाने के बाद कृत्रिम पैर के सहारे अरुणिमा ने एवरेस्ट फतह की।ओर बाद में सात महाद्वीपों की सभी सब से ऊंची चोटियों पर चढ़ाई भी की उनकी कहानी दृढ़ संकल्प, साहस और विपरीत परिस्थितियों पर विजय का प्रतीक है जितने जज्बा हो तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं है ।
संस्था संचालिक किरण शर्मा ने विद्यार्थी जीवन में शिक्षा और खेलों के महत्व पर जोर दिया विद्यार्थियों को उत्साहपूर्ण प्रदर्शन की बधाई दी।
