हरिद्वार में सोंडवा के आदिवासी दल का ढोल-मांदल और घांगवी के साथ देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति

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शिवा रावत, सोंडवा 

         गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित जन्म शताब्दी समारोह जिसमें गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार में प्रज्जवलित अखंड दीप के 100 वर्ष हो रहे हैं, तथा दुसरा गायत्री परिवार की संस्थापिका परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा

 का यह जन्म शताब्दी वर्ष ओर तीसरा, गुरुदेव पं. श्री राम शर्मा आचार्य जी की तप साधना के 100 वर्ष पुर्ण हो रहे हैं।इस उपलक्ष्य में होने वाले आयोजन में देश विदेश के हजारों गायत्री परिजन व श्रद्धालु शामिल होंगे।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य युग निर्माण योजना, मानवीय मूल्यों का जागरण ओर आध्यात्मिक चेतना का जागरण है जिससे मानव में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण होगा। इससे सतयुगी वातावरण निर्मित होगा। कार्यक्रम में तीन दिन तक समूह चर्चा होगी और चौथे दिन निर्धारित कार्यक्रमो के संकल्प होंगे और विभिन्न राज्यों की झांकियां प्रस्तुत की जाएगी, गायत्री परिवार सोंडवा के तहसील सह समन्वयक,ओर PLV पैरालिगल वालिंटियर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय आलीराजपुर श्री इंग्लेश तोमर* ने बताया कि आलीराजपुर जिले के सोंडवा तहसील के आदिवासी दल द्वारा भी आदिवासी सम्मेलन में आदिवासी संस्कृति के साथ नृत्य ,ढोल-मांदल ओर श्री रामलाल(रूमालिया बाबा) तोमर के द्वारा आदिवासी वाद्य यंत्र घांगवी आदिवासी बांसुरी व झाकि प्रस्तुत की जाएगी।इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोंडवा तहसील से लगभग 430 आदिवासी समाज के गायत्री परिजन शांतिकुंज हरिद्वार में पहुंच चुके है और जिले कि अन्य तहसील आलीराजपुर , जोबट, चन्द्रशेखर आजाद नगर, और कट्ठीवाड़ा से लगभग 100 सक्रिय कार्यकर्ता जन्म शताब्दी कार्यशाला में भाग लेंगे। सम्पूर्ण कार्यक्रम वैरागी द्बीप हरिद्वार में सम्पन्न हो रहा है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जिला समन्वयक संतोष वर्मा द्बारा दी गई।

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