ग्राम निमथल में नाबालिग की सनसनीखेज हत्या का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

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जितेंद्र वर्मा, जोबट

थाना जोबट पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुये ग्राम निमथल में घटित नाबालिग बालक की निर्मम हत्या के ‘अंधे कत्ल’ का सफल पटाक्षेप किया है। पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी जोबट रविन्द्र राठी के नेतृत्व में गठित टीम ने घटना के मात्र 72 घंटों के भीतर न केवल आरोपियों को चिन्हित किया, बल्कि उन्हें अभिरक्षा में लेने में भी सफलता प्राप्त की है।

 दिनांक 06.01.2025 को थाना जोबट पर ग्राम निमथल के झिकरी बयड़ी क्षेत्र में एक अज्ञात बालक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस द्वारा तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करने पर प्रथमदृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हुआ। मृतक की पहचान करण पिता राकेश रावत (निवासी निमथल) के रूप में की गई। मृतक के पिता ने पुलिस को सूचित किया कि दिनांक 04.05.2025 की रात्रि में बालक गांव के एक मांगलिक कार्यक्रम (नाच-पाटला) में सम्मिलित होने गया था, जिसके बाद से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। उक्त सूचना के आधार पर थाना जोबट में अपराध क्रमांक 12/2026, धारा 103 (1) बीएनएस के अंतर्गत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलन करते हुए हत्या में प्रयुक्त रक्त-रंजित पत्थर बरामद किया। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने संदेहियों की सूची तैयार की। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक को अंतिम बार गांव के ही सुशील के साथ देखा गया था। वहीं, एक अन्य संदेही दिलीप घटना के उपरांत अपना मोबाइल बंद कर गुजरात फरार हो गया था। इन कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने जब संदेही सुशील को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, तो उसने अपने दो अन्य साथियों, दिलीप और कैलाश के साथ मिलकर हत्या करने का अपराध स्वीकार किया।

 पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से करण को सिगरेट और ताड़ी पिलाने के प्रलोभन में गांव के बाहर ले जाकर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी। इस जघन्य अपराध के मूल में तीन प्रमुख रंजिशें सामने आई हैं:

1. मृतक द्वारा पूर्व में आरोपी दिलीप के परिजनों के विरुद्ध ग्राम पंचायत में गवाही देना।

2. मृतक के पिता और आरोपी सुशील के परिवार के मध्य पुराना घरेलू विवाद।

3. ट्रैक्टर व्यवसाय से जुड़ी आर्थिक प्रतिस्पर्धा के कारण उत्पन्न द्वेष।

उक्‍त अनसूलझे प्रकरण को सुलझाने में थाना प्रभारी जोबट निरीक्षक विजय वास्कले, उप-निरीक्षक गोविन्द कटारे एवं आरक्षकगण गजेन्द्र, मनीष, चैनसिंह व रवि मिनावा एवं सायबर अलीराजपुर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी सुशील की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। वर्तमान में तीनों आरोपी—सुशील पिता हेमता रावत, दिलीप पिता सेकड़ीया गाडरिया एवं कैलाश पिता केसीया डुडवे—पुलिस गिरफ्त में हैं और मामले की अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।

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